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मंडी समिति को अपनी और व्यापारियों की फिक्र्र
उज्जैन। संभाग की सबसे बड़ी चिमनगंज कृषि उपज अनाज मंडी में किसान दूर-दूर से आते हैं। यहां पर मंडी परिसर में चार आरओ प्लांट लगाए गए हैं। लेकिन इनमें से तीन आरओ प्लंाट चालू है। जबकि एक आरओ प्लांट बंद है। मंडी परिसर में दो आरओ प्लांट व्यापारियों की दुकानों के आसपास लगवाए हैं और एक आरओ प्लांट मंडी कार्यालय के समीप लगा हुआ है। लेकिन जो आरओ प्लांट मंडी परिसर में जहां पर किसानों की फसल की बोली लगती है, वहां पर लगवाया गया था। लेकिन वह कई माह से बंद पड़ा हुआ है। लेकिन मंडी समिति को इसकी कोई सुध नहीं है।
मंडी में आने वाले सैकड़ों किसान प्रतिदिन आते हैं। इसके अलावा कई हम्माल भी वहां पर मौजूद रहते हैं। उल्लेखनीय है कि मंडी में विकास कार्य एवं अन्य की जिम्मेदारी मंडी समिति की है। लेकिन मंडी समिति से जुड़े लोग किसानों की समस्याओं को दूर करने की बजाय और बढ़ा रहे हैं। जिससे किसानों में काफी रोष बना हुआ है।
मंडी में काम करने वाले हम्मालों ने बताया कि लोकार्पण होने के बाद से ही आरओ प्लांट बंद है। जिसके कारण सभी को पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। इस संबंध में यदि कोई हम्माल शिकायत करने मंडी समिति कार्यालय पहुंचता है, तो वहां पर मौजूद जिम्मेदार लोगों द्वारा समस्या का समाधान करने की बजाय उल्टे फटकार लगा दी जाती है।