- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
श्रावण मास की तीसरी सवारी में महाकाल ने तीन स्वरूपों में किया नगर भ्रमण, जनजातीय लोकनृत्य और भजन मंडलियों ने भरा रंग; 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं किए दर्शन!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य सवारी पूरे श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ निकाली गई। यह सवारी सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता की मिसाल भी बनी। महाकाल तीन अलग-अलग स्वरूपों में नगर भ्रमण पर निकले — पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव के रूप में विराजित होकर महाकाल…
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