उज्जैन में पहला चाइल्ड फ्रेंडली अस्पताल:बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क, इलाज के लिए आने वाले बच्चे चरक में खेल सकेंगे

उज्जैन में पहला चाइल्ड फ्रेंडली अस्पताल:बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क, इलाज के लिए आने वाले बच्चे चरक में खेल सकेंगे

उज्जैन में अपनी तरह का पहला चाइल्ड फ्रेंडली अस्पताल बनाया गया है। आगर रोड स्थित चरक अस्पताल के शिशु रोग विभाग में इलाज के लिए आने वाले बीमार बच्चों के खेलने के लिए खेल व मनोरंजन एरिया विकसित किया है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से इसे तैयार किया गया है। चरक अस्पताल की ओपीडी बाह्य रोगी विभाग में खिलौने आदि रखे गए हैं व फिसलपट्टी, झूला, चकरी तथा आर्टिफिशियल ग्रीन घास…

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चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग के लिए महाकाल से प्रार्थना:भस्म आरती में चंद्रयान की तस्वीर लेकर पहुंचे श्रद्धालु; पहले अभिषेक किया था

चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग के लिए महाकाल से प्रार्थना:भस्म आरती में चंद्रयान की तस्वीर लेकर पहुंचे श्रद्धालु; पहले अभिषेक किया था

चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग के लिए उज्जैन में 14 जुलाई को अनुष्ठान-अभिषेक किया गया था। अब करीब 40 दिन बाद चांद की सतह पर चंद्रयान की लैंडिंग होने जा रही है। देश भर के लोग चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इसके लिए उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान विशेष पूजन अर्चन किया गया। पंडित यश गुरु ने बताया कि भस्म आरती के दौरान श्रद्धालु और भारतवासियों की मंशा…

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बुधवार भस्म आरती दर्शन:भांग ड्रायफ्रूट से भगवान महाकाल का गणेश रूपी श्रृंगार

बुधवार भस्म आरती दर्शन:भांग ड्रायफ्रूट से भगवान महाकाल का गणेश रूपी श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण माह के बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान तीन बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध,दही,घी,शक़्कर शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भांग चन्दन ड्रायफ्रूट और आभूषणों से बाबा महाकाल का गणेश रूपी दिव्य श्रृंगार किया गया। रजत का त्रिपुण्ड, त्रिशूल और चंद्र अर्पित कर भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई, शेषनाग का रजत…

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भगवान महाकाल ने जटाशंकर स्वरूप में जाना भक्तों का हाल:सावन के 7वें सोमवार को निकली सवारी; नागचंद्रेश्वर मंदिर में भी दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

भगवान महाकाल ने जटाशंकर स्वरूप में जाना भक्तों का हाल:सावन के 7वें सोमवार को निकली सवारी; नागचंद्रेश्वर मंदिर में भी दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

सावन के सातवें सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी निकाली गई। राजाधिराज महाकाल जटाशंकर स्वरूप में प्रजा का हाल जानने निकले। सोमवार और नागपंचमी का संयोग होने के कारण भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर से सवारी निकलने से पहले सशस्त्र पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। भगवान महाकाल के स्वागत में सड़कों पर रंगोली सजाई गई। सवारी में भक्त शिव के स्वरूप, राधा-कृष्ण, विष्णु-लक्ष्मी समेत कई रूप में झांकियों के रूप…

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पहली बार ऐसा कम्युनिकेशन गैप:हर गेट पर पुलिस व गार्ड थे लेकिन यह बताने वाला कोई नहीं था कि अंदर कहां से आए

पहली बार ऐसा कम्युनिकेशन गैप:हर गेट पर पुलिस व गार्ड थे लेकिन यह बताने वाला कोई नहीं था कि अंदर कहां से आए

नागचंद्रेश्वर और महाकाल दर्शन के लिए सोमवार को पहुंचे हजारों श्रद्धालु घंटों परेशान हुए। सामान्य कतार के अलावा अन्य गेटों से भी दर्शन की व्यवस्था थी लेकिन इसमें पहली बार बड़ा कम्युनिकेशन गेप सामने आया। पहली बार ऐसा देखने को मिला कि हर गेट पर पुलिस जवान व महाकाल मंदिर की सुरक्षा एजेंसी के प्राइवेट गार्ड सिर्फ और सिर्फ ये ताकत झोंकने में लगाए थे कि कैसे रोकना है, कोई ये बताने को तैयार नहीं…

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मंगलवार भस्म आरती दर्शन:महाकाल को त्रिनेत्र, त्रिपुंड और चंद्र अर्पित कर दिव्य स्वरूप में श्रृंगार

मंगलवार भस्म आरती दर्शन:महाकाल को त्रिनेत्र, त्रिपुंड और चंद्र अर्पित कर दिव्य स्वरूप में श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण माह के मंगलवार को तड़के भस्म आरती के दौरान तीन बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन अभिषेक किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। रजत का त्रिपुण्ड, त्रिनेत्र और चंद्र अर्पित कर भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई,…

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सावन के सातवें सोमवार और नागपंचमी का संयोग:नागचंद्रेश्वर के रूप में श्रृंगार, 40 मिनट में दर्शन का दावा; शाम 4 बजे सवारी

सावन के सातवें सोमवार और नागपंचमी का संयोग:नागचंद्रेश्वर के रूप में श्रृंगार, 40 मिनट में दर्शन का दावा; शाम 4 बजे सवारी

सावन महीने का सातवां सोमवार है। नागपंचमी और सोमवार का संयोग बना है। उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए रात 12 बजे से श्रद्धालु लाइन में लगना शुरू हो गए थे। रात 2.30 बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के पट खोले गए। भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक पूजन कर भस्म रमाई गई। पट खुलने के बाबा महाकाल को पंडे – पुजारियों ने नियमानुसार जल चढ़ाकर दूध, घी, शहद, शक्कर व दही से पंचामृत…

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साल में एक दिन के लिए खुला श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर:आधी रात को हुआ त्रिकाल पूजन; रात से कतारों में लगे भक्त, 1 घंटे में दर्शन का दावा

साल में एक दिन के लिए खुला श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर:आधी रात को हुआ त्रिकाल पूजन; रात से कतारों में लगे भक्त, 1 घंटे में दर्शन का दावा

आज सावन महीने का सातवां सोमवार है। नागपंचमी और सोमवार का संयोग बना है। उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के शीर्ष पर विराजमान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार आधी रात को खोल दिए गए। ये पट साल में एक बार नागपंचमी पर ही खुलते हैं। सबसे पहले श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने त्रिकाल पूजन और अभिषेक किया। फिर दर्शन का क्रम शुरू हो गया। प्राचीनकाल से पंचांग तिथि अनुसार सावन…

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नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पहली बार ऑनलाइन बुकिंग:नागपंचमी पर शीघ्र दर्शन टिकट के लिए ऑफलाइन काउंटर भी लगेंगे

नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पहली बार ऑनलाइन बुकिंग:नागपंचमी पर शीघ्र दर्शन टिकट के लिए ऑफलाइन काउंटर भी लगेंगे

श्री महाकालेश्वर मंदिर में स्थित श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु यदि शीघ्र दर्शन टिकट लेकर दर्शन करना चाहते हैं, तो ऑनलाइन बुकिंग भी करवा सकते हैं। पहली बार मंदिर प्रशासन ने नागचंद्रेश्वर की टिकट ऑनलाइन की है। इसके अलावा, शीघ्र दर्शन टिकट के ऑफलाइन काउंटर की व्यवस्था भी रहेगी। ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था संभवत: शनिवार से शुरू हो जाएगी। दर्शन व्यवस्था निर्धारित करने के लिए प्रशासन के अधिकारियों ने शुक्रवार को…

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शनिवार भस्म आरती दर्शन:भांग, चंदन, आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

शनिवार भस्म आरती दर्शन:भांग, चंदन, आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण माह के शनिवार को तड़के भस्म आरती के दौरान 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन – अभिषेक किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान महाकाल को रजत का त्रिपुण्ड और चंद्र अर्पित कर श्रृंगार किया गया,…

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