शिक्षा का उत्सव: जिलेभर के सरकारी स्कूलों में धूमधाम से मनाया गया प्रवेश उत्सव, उज्जैन में मां सरस्वती के पूजन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत; नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक और मिठाई से किया स्वागत

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

मध्य प्रदेश में आज, 1 अप्रैल 2025 से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का आगाज हुआ, जिसके अंतर्गत भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने छात्रों को शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्कूल चलें हम अभियान के अंतर्गत “राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम – 2025” का शुभारंभ किया।

इसी कड़ी में आपको बता दें, उज्जैन में भी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिलेभर के सभी सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस दिन को विशेष बनाने के लिए महाकाल मंदिर के पास स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन से हुई, जो भारतीय संस्कृति में ज्ञान और शिक्षा की देवी मानी जाती हैं। पूजा के बाद विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में नई प्रवेश लेने वाली छात्राओं का स्वागत तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर किया गया।

शिक्षकों ने इस अवसर पर छात्राओं को अपने अनुभवों और ज्ञान से प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा जीवन को बेहतर बनाने और समाज में अपनी पहचान बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। विद्यालय के शिक्षकगण ने बच्चों को अपनी पूरी मेहनत से शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा दी, जिससे वे जीवन में सफल हो सकें।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण आरती हरने, लालिमा परसाई, प्रेम प्रकाश बोराना, सपना मेहता, लीला साहू, साधना सिंह हाड़ा, शबाना अंसारी, संजय जौहरी, राजेंद्र पाठक, योगेंद्र गंगवाल, द्रोपदी मरमट और अनिता श्रीवास्तव सहित अन्य सभी शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मिलजुल कर काम किया।

उल्लेखनीय है की बता दें, प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के तहत, मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से की जा रही है। इस पोर्टल में “स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” को शामिल किया गया है, जिससे सभी विद्यार्थियों और विद्यालयों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। इस पहल से शिक्षा विभाग के कार्यों को तेजी से और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जा सकेगा। राज्यभर में इस कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गईं, और यह सुनिश्चित किया गया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को ये किताबें मिल जाएं।

ग्राम स्तर पर भी इस अभियान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है। सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों और बसाहटों में स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्कूल से जुड़ सकें।

इसके साथ ही, 1 अप्रैल को कक्षा 1 से 8 तक की शालाओं में बालसभा का आयोजन किया गया, और विद्यार्थियों के उत्साह को बनाए रखने के लिए विद्यालयों में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई।

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