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स्मार्ट मीटर और निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, ऊर्जा मंत्री के नाम उपभोक्ता हितों को लेकर सौंपा ज्ञापन; कांग्रेस बोली – बंद हो स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में बिजली के क्षेत्र में चल रही बदलाव की प्रक्रिया—जैसे कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने और निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों—के विरोध में सोमवार को शहर और ग्रामीण कांग्रेस संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोला। इस दौरान आगर रोड स्थित वार्ड क्रमांक 3 से एक रैली निकाली गई, जो वल्लभ नगर जोन में स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय तक पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर पुतला दहन किया और ऊर्जा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश भाटी और कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष चैन सिंह चौधरी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में यह मांग की गई कि राज्य में चल रही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उपभोक्ताओं को न तो पूरी जानकारी दी गई है और न ही उनकी सहमति ली गई है। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि बिजली संशोधन विधेयक 2022 और प्रस्तावित 2024 की नीतियां आम उपभोक्ताओं के हितों पर असर डाल सकती हैं।
प्रदर्शन में उपस्थित नेताओं ने तर्क दिया कि जबरन स्मार्ट मीटर लगाना उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। साथ ही, यह आशंका भी व्यक्त की गई कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली कंपनियां अलग-अलग टैरिफ प्लान लागू कर सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से नेता प्रतिपक्ष रवि राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ठाकुर, पार्षद सपना सांखला, प्रेमलता रामी, अजय राठौर, विवेक यादव, माया त्रिवेदी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अतिरिक्त सेवादल और युवा कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता, स्थानीय रहवासी और बिजली उपभोक्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ और सभी की ओर से यह अपील की गई कि सरकार उपभोक्ताओं की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया को प्राथमिकता दे।