- सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, इंदौर-देवास से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग पार्किंग और रूट प्लान तैयार करने के निर्देश; संभागायुक्त बोले- घाट निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, समयसीमा में काम पूरा करें
- उज्जैन में पंचकोशी यात्रा शुरू: महापौर ने नागचन्द्रेश्वर से किया शुभारंभ, 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, जयकारों से गूंजा परिसर
- महाकाल मंदिर पहुंचे सुनंदा शर्मा और मनीष मल्होत्रा: नंदी हॉल से किए दर्शन, लिया आशीर्वाद
- एक्ट्रेस सारा अर्जुन ने महाकाल में की भस्म आरती: सुबह 4 बजे पहुंचीं, 2 घंटे तक रहीं शामिल
महाकाल के दरबार में पहुंचे पूर्व क्रिकेट कप्तान कृष्णम्माचारी श्रीकांत, भस्म आरती में लिया दिव्य आशीर्वाद
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर एक विशेष आगंतुक की साक्षी बनी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज कृष्णम्माचारी श्रीकांत सोमवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भोर की पवित्र भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भोर के समय पहुंचे महाकाल मंदिर
श्रीकांत सुबह करीब चार बजे परिवार सहित उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पारंपरिक धोती-कुर्ता धारण किए हुए उन्होंने पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से भस्म आरती में हिस्सा लिया। आरती के दौरान वे करीब दो घंटे तक नंदी हाल में बैठे रहे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल की आरती और शृंगार का दिव्य दृश्य देखा।
नंदी हाल में साधी भक्ति, किया जलाभिषेक
आरती पूर्ण होने के बाद श्रीकांत ने नंदी जी का पूजन किया और भगवान महाकाल की देहरी पर जल अर्पित कर दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय शांति से ध्यान और प्रार्थना में भी बिताया। उनके साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने भी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।
श्रीकांत ने मंदिर के बाहर मीडिया से संक्षेप में कहा,
“महाकाल के दर्शन एक अद्भुत अनुभव हैं। यहां की ऊर्जा और शांति मन को अलग ही सुकून देती है।”
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी लिंग है, जिसे “कालों के काल” भगवान शिव का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है। यहां की भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है, जिसमें प्रतिदिन तड़के बाबा महाकाल को भस्म से अलंकृत किया जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु इस अनोखी आरती को देखने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।