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अब बिना किसी मदद के होंगे भव्य दर्शन, महाकाल मंदिर में आ रहा देश का पहला Smart Mapping System: 40 से 50 स्थानों पर लगेंगे सूचना फ्लैक्स, हर भक्त को मिलेगी रियल-टाइम जानकारी
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
अब बिना किसी मदद के आसान होगा महाकाल दर्शन! जी हाँ, उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में इतिहास रचने वाली स्मार्ट मैपिंग टेक्नोलॉजी की तैयारी जोरों पर है। इसी के साथ महाकालेश्वर मंदिर भारत का पहला ज्योतिर्लिंग होगा, जहां श्रद्धालुओं को मंदिर कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड की मदद के बिना ही अपनी स्थिति, दर्शन मार्ग और महत्वपूर्ण स्थानों की पूरी जानकारी मिलेगी।
अक्सर जब श्रद्धालु देव दर्शन पर निकलते हैं तो उनके मन में काफी सवाल रहते हैं। जैसे कैसे पता चलेगा कि कहां खड़े हैं और आगे कहां जाना है? या दर्शन के लिए कितना समय लगेगा? या फिर जूता स्टैंड, क्लॉक रूम, प्रसाद काउंटर और निर्गम द्वार कहां हैं?
लेकिन अब ये सभी सवाल स्मार्ट मैपिंग सिस्टम के जरिए सेकंडों में हल हो जाएंगे! स्मार्ट मैपिंग सिस्टम की मदद से भक्त अपने स्थान की पहचान कर सकेंगे और यह भी जान पाएंगे कि दर्शन मार्ग, जूता स्टैंड, क्लॉक रूम, लड्डू प्रसाद केंद्र और निर्गम द्वार कहां हैं। यह भारत में किसी भी ज्योतिर्लिंग के लिए पहली ऐसी डिजिटल सुविधा होगी, जो दर्शन को और भी सुगम और व्यवस्थित बनाएगी।
महाकाल प्रशासन द्वारा 40 से 50 स्थानों पर सूचना फ्लैक्स लगाए जाएंगे, जिससे हर श्रद्धालु को रियल-टाइम गाइडेंस मिलेगी। यह मैपिंग दो स्तरों पर होगी – स्थायी और अस्थायी। स्थायी मैपिंग पूरे वर्ष के लिए रहेगी, जबकि अस्थायी व्यवस्था श्रावण-भाद्रपद के सोमवार, महाशिवरात्रि, नववर्ष और अन्य भव्य आयोजनों के लिए विशेष रूप से तैयार की जाएगी।
महाकाल लोक के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट नितिन श्रीमाली के मार्गदर्शन में इस परियोजना को विकसित किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस तकनीकी नवाचार से श्रद्धालुओं को कम समय में अधिक दिव्य अनुभव मिलेगा और दर्शन व्यवस्था में अत्याधुनिक सुधार होगा।