- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
विक्रम विश्वविद्यालय के विद्योत्तमा गर्ल्स हॉस्टल में पानी के लिए हाहाकार, ABVP कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ किया खाली मटकों के साथ विरोध प्रदर्शन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
गर्मी का मौसम शुरू होते ही विक्रम विश्वविद्यालय के विद्योत्तमा गर्ल्स हॉस्टल में पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है। छात्राओं को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें हॉस्टल से आधा किलोमीटर दूर इस्कॉन मंदिर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इससे पहले छात्राएं विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस से पानी भरती थीं, लेकिन वहां से भी अब पानी देने से मना कर दिया गया है।
लगातार बढ़ती परेशानी को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ खाली मटके लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय अध्यक्ष सिद्धार्थ यादव, महानगर मंत्री आदर्श चौधरी, सह नगर मंत्री गुनगुन मालवीय और साक्षी यादव के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे पिछले कई दिनों से इस समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
छात्राओं ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर जब वे हॉस्टल वार्डन के पास शिकायत करने जाती हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “यदि पानी नहीं मिल रहा तो हॉस्टल छोड़ दें।” विश्वविद्यालय की इस उदासीनता से छात्राओं में आक्रोश है।
छात्राओं के विरोध को देखते हुए, जब वे कुलगुरु से मिलने पहुंचीं, तो वे अनुपस्थित थे। इसके बाद कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा और डीएसडब्ल्यू डॉ. एसके मिश्रा ने छात्राओं की समस्या सुनीं और तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। कुलसचिव ने हॉस्टल वार्डन, चीफ वार्डन और विश्वविद्यालय इंजीनियर को निर्देश दिया कि शाम तक पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, छात्राओं के कमरों में लगे खराब स्विच बोर्ड और अन्य बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी इंजीनियरिंग विभाग को निर्देशित किया गया।