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सिंहस्थ 2028 से पहले रेलवे का बड़ा फैसला: नागदा बायपास लाइन को मंजूरी, उज्जैन–इंदौर यात्रियों का समय बचेगा 2 घंटे तक
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
रेल मंत्रालय ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए 13.70 किलोमीटर लंबी नागदा बायपास रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह लाइन रोहल खुर्द से भाटीसूड़ा के बीच बनाई जाएगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹390.36 करोड़ तय की गई है, और इसे 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों का बचेगा 30 मिनट से 2 घंटे तक का समय
वर्तमान में दिल्ली–मथुरा–कोटा रूट से उज्जैन–इंदौर जाने वाली ट्रेनों को नागदा जंक्शन पर इंजन रिवर्सल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे ट्रेनों की गति और समय दोनों प्रभावित होते हैं। नई बायपास लाइन बनने के बाद यह रिवर्सल खत्म हो जाएगा, जिससे यात्रियों का कम से कम 30 मिनट और अधिकतम 2 घंटे तक का समय बचेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रूट से ट्रेनें बिना किसी रुकावट के सीधे दिल्ली से उज्जैन और इंदौर तक संचालित की जा सकेंगी।
इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि रेल परिचालन भी अधिक सुचारू और तेज़ होगा।
इंदौर–उज्जैन यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
नई लाइन के शुरू होने का फायदा इंदौर–उज्जैन यात्रियों को भी मिलेगा। नागदा बायपास लाइन के उपयोग से दोनों शहरों के बीच की यात्रा लगभग आधे घंटे तक कम हो जाएगी।
वर्तमान में नागदा से उज्जैन की दूरी 55 किलोमीटर है, जिसे नई लाइन से और अधिक सुगम बनाया जाएगा।
15 साल से लंबित मांग अब पूरी
इस परियोजना की मांग 15 साल से अधिक समय से की जा रही थी। रेलवे से जुड़े विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इंजन रिवर्सल की वजह से ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ती थी, जिससे यात्रियों को असुविधा होती थी। अब बायपास लाइन के निर्माण से यह समस्या स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारी को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट पर समयसीमा के भीतर काम पूरा करने की योजना बनाई गई है।
सिंहस्थ 2028 के लिए तैयार हो रहा उज्जैन
रेल मंत्रालय का यह फैसला सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने वाला है। अंदाज़ा है कि सिंहस्थ के दौरान लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। इस भीड़ को देखते हुए ट्रेनों का दबाव भी कई गुना बढ़ेगा, ऐसे में नई बायपास लाइन यात्रियों के लिए तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का रास्ता खोलेगी।
रेलवे बोले — “सुगम और सुरक्षित संचालन होगा आसान”
रेलवे विभाग के अधिकारियों के अनुसार,
“नवीन स्वीकृत नागदा बायपास लाइन के बनने से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा बढ़ेगी। इससे पूरी रेल प्रणाली अधिक कुशल, समयबद्ध और सुरक्षित बनेगी।”