- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
रक्षाबंधन 2025: इस बार पूरे दिन रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का साया नहीं; बन रहे अद्भुत योग!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त को बड़े धूमधाम और शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार राखी बांधने के लिए दिनभर का समय शुभ रहेगा, क्योंकि इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा काल को आमतौर पर अशुभ माना जाता है और कई बार इसी वजह से राखी बांधने के समय को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो 2025 का रक्षाबंधन एक बेहद विशेष खगोलीय घटना के साथ जुड़ा हुआ है। 1728 के बाद पहली बार आठ ग्रहों की अनोखी स्थिति बन रही है, जो इस दिन को अत्यंत फलदायी बना रही है। इस पावन दिन पर श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण और पूर्णिमा तिथि का दुर्लभ संयोग रहेगा, जो रक्षाबंधन के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को और बढ़ा देता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, राखी बांधने के लिए सुबह 2:40 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग आरंभ हो जाएगा, जो पूरे दिन सकारात्मक प्रभाव बनाए रखेगा। सायंकाल तक भी यह शुभता बनी रहेगी। इस कारण बहनें दिनभर कभी भी अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं, बिना किसी मुहूर्त या भद्रा काल की चिंता किए।
धार्मिक मान्यता है कि रक्षाबंधन पर शुभ योग में राखी बांधने से भाई की उम्र लंबी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं बहन को भी वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस बार के विशेष संयोग इसे एक अत्यंत कल्याणकारी पर्व में बदल रहे हैं।