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श्री महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह में हाथापाई और गालीगलौज — महंत महावीर नाथ और पुजारी महेश शर्मा के बीच विवाद, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह गर्भगृह में विवाद की खबर सामने आई है। घटना में ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महंत महावीर नाथ और गोरखपुर के महंत शंकर नाथ तथा मंदिर के पुजारी महेश शर्मा के बीच हाथापाई और गालीगलौज हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने मंदिर प्रशासक को शिकायत दर्ज कराई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
घटना का क्रम
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे, महंत महावीर नाथ और महंत शंकर नाथ मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान पुजारी महेश शर्मा ने संतों की वेशभूषा पर आपत्ति जताई। बातचीत के दौरान बहस हुई, जो हाथापाई और धक्का-मुक्की में बदल गई।
धक्का-मुक्की के दौरान पुजारी महेश शर्मा नीचे गिर गए। विवाद गर्भगृह से नंदी हॉल तक फैल गया, जहां सुरक्षा कर्मियों ने बीचबचाव किया। इसके बाद महंत महावीर नाथ मंदिर परिसर से चले गए।
दोनों पक्षों के बयान
पुजारी महेश शर्मा का कहना:
महेश शर्मा ने बताया कि महावीर नाथ ने चोंगा पहनकर और सिर पर फेटा बांधकर गर्भगृह में प्रवेश किया। उन्होंने मंदिर के नियमों का पालन नहीं किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब मैंने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने धक्का दिया और धमकी दी। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है कि महावीर नाथ ने मंदिर नियमों को ताक में रखकर चिल्लाना और मारपीट करने का प्रयास किया।
महंत महावीर नाथ का बयान:
महावीर नाथ ने कहा कि पुजारी महेश शर्मा ने गर्भगृह में विवाद और अभद्रता की। उन्होंने समझाने की कोशिश की, लेकिन पुजारी नहीं माने। महावीर नाथ और अन्य संतों ने मंदिर प्रशासक को ज्ञापन दिया और घटना की सूचना स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास को भी दी।
घटना के बाद मंदिर में पुजारी, पुरोहित और बटुक एकत्रित हुए और महावीर नाथ के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। इसके बाद महंत महावीर नाथ ने अन्य संतों के साथ बैठक कर मंदिर प्रशासक से मुलाकात की। इस दौरान लगभग 50 से अधिक साधु-संत उपस्थित रहे और पुजारी महेश शर्मा के खिलाफ अभद्रता की शिकायत दर्ज कराई।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि गर्भगृह जैसी पवित्र जगह पर यह घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।