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उज्जैन महाकाल मंदिर की सुरक्षा पर गंभीर मंथन: सांसद अनिल फिरोजिया ने अमित शाह से की मुलाकात, CISF/CRPF की स्थायी तैनाती की उठाई मांग!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
नई दिल्ली में 25 जुलाई 2025 को उज्जैन-आलोट लोकसभा क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। हालांकि यह एक सामान्य मुलाकात प्रतीत होती है, लेकिन इस बैठक के पीछे उज्जैन की धार्मिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बेहद अहम चिंताएं जुड़ी थीं। बैठक का केंद्र बिंदु था — श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और महाकाल लोक की सुरक्षा।
सांसद फिरोजिया ने गृह मंत्री के समक्ष स्पष्ट तौर पर मांग रखी कि बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इसके लिए CISF या CRPF जैसी केंद्रीय सुरक्षा बलों की स्थायी तैनाती की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि आगामी सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के मद्देनज़र यह निर्णय बेहद जरूरी और समयानुकूल है।
सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता
अनिल फिरोजिया ने बताया कि महाकाल मंदिर अब केवल उज्जैन का धार्मिक स्थल नहीं रह गया है — यह देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकाल लोक का लोकार्पण किए जाने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे सुरक्षा की जटिलता और संवेदनशीलता भी काफी बढ़ गई है।
हर दिन लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। पर्व-त्योहारों के अलावा विशेष आयोजनों और आने वाले सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट धार्मिक आयोजन में यह संख्या करोड़ों में पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, आपातकालीन रिस्पॉन्स, महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा जैसे कई आयामों पर सुरक्षा इंतज़ामों की सतत निगरानी जरूरी है।
टेक्नोलॉजी से लैस, लेकिन ज़मीनी ताकत की ज़रूरत
सांसद ने यह भी बताया कि उज्जैन पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर क्षेत्र में हाई-टेक सीसीटीवी, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, डोम कैमरे, बैगेज स्कैनर और 24×7 कंट्रोल रूम जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं तो की गई हैं, परंतु स्थायी केंद्रीय बल की तैनाती से सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक जैसे अति-संवेदनशील धार्मिक क्षेत्र में यह ज़रूरी है कि हर समय केंद्र की एक प्रशिक्षित और सजग सुरक्षा यूनिट तैनात रहे।
फिरोजिया ने विशेष रूप से वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि इस दौरान 20–25 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। यह सिर्फ उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और प्रशासनिक क्षमताओं की अग्निपरीक्षा होगी। ऐसे में अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो सुरक्षा में चूक की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बैठक के अंत में सांसद अनिल फिरोजिया ने गृह मंत्री अमित शाह को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का आमंत्रण भी सौंपा। उन्होंने कहा, “श्री महाकालेश्वर मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान और आस्था की धुरी है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उच्चतम स्तर की सुरक्षा व्यवस्था ज़रूरी है। इसीलिए मैंने माननीय गृह मंत्री से इस विषय पर शीघ्र निर्णय की मांग की है।”