क्रिकेट के मैदान पर आस्था का रंग: उज्जैन के बगलामुखी मंदिर में विशेष मिर्ची यज्ञ, 51 पुजारियों ने किया यज्ञ; चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के लिए मांगी गई जीत की दुआ

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

क्रिकेट का जुनून सिर्फ स्टेडियम तक ही सीमित नहीं रहता, यह दिलों में धड़कता है, मंदिरों में गूंजता है और आस्था का रूप भी ले लेता है। चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जब भारत और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे, तो सिर्फ 11 खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीय भी अपनी दुआओं से टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। इसी कड़ी में, मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित मां बगलामुखी मंदिर में 51 पुजारियों ने मिर्ची यज्ञ कर भारतीय टीम की जीत की प्रार्थना की।

यज्ञ में महंत रामनाथ महाराज और गादीपति योगी पीर रामनाथ जी महाराज ने विशेष रूप से लाल मिर्च, हल्दी, सरसों और नारियल अर्पित कर माता बगलामुखी को प्रसन्न करने का अनुष्ठान किया। मान्यता है कि यह अनुष्ठान शत्रु पर विजय प्राप्ति के लिए किया जाता है, और आज के मुकाबले में भारत की जीत के लिए यह पूजा की गई।

आपको बता दें, इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान महाकाल के दरबार में टीम इंडिया की जीत के लिए विशेष पूजा की गई थी। उस समय भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर 2017 के फाइनल में मिली हार का बदला लिया।

हवन कुंड के पास क्रिकेटर्स के फोटो, तिरंगे की गूंज और ‘भारत माता की जय’

पूजा का नज़ारा किसी क्रिकेट स्टेडियम से कम नहीं था। हवन कुंड के पास बैठे पुजारियों और बटुकों ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों की तस्वीरें अपने हाथों में लीं और मंत्रोच्चारण किया। क्रिकेट प्रेमी हाथों में तिरंगा लहराते हुए “भारत माता की जय” और “विजय भवः टीम इंडिया” के जयकारे लगाते दिखे।

हर चौके-छक्के पर जयकारे, हर विकेट पर खुशी और हर कैच पर सस्पेंस होगा, लेकिन इससे पहले ही उज्जैन के इस पवित्र यज्ञ में एक अलग ही रोमांच देखने को मिला। जहां स्टेडियम में भारतीय फैंस “इंडिया-इंडिया” चिल्लाएंगे, वहीं मंदिर में भक्तों ने जीत की आरती उतार दी। क्या टीम इंडिया अपनी कड़ी मेहनत और इस आस्था के संबल से ट्रॉफी पर कब्जा जमाएगी? जवाब तो मैदान पर मिलेगा, लेकिन उज्जैन में भक्तों ने क्रिकेट को एक नया ही आध्यात्मिक रंग दे दिया है।

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