- भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उज्जैन में विशेष अनुष्ठान: अंगारेश्वर मंदिर में टीम इंडिया की जीत की प्रार्थना, शाम 7 बजे कोलंबो में हाई-वोल्टेज टक्कर; श्रीलंकाई पिच और मौसम पर सबकी नजर
- महाशिवरात्रि पर उज्जैन उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज 10 लाख का अनुमान
- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
Ujjain: काल भैरव मंदिर में खोली गई सात दान पेटियां, दो माह में आई 16 लाख 48 हजार की दान राशि
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन स्थित काल भैरव मंदिर, जहां पर हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, अब अपने खजाने में एक नई आय का आंकड़ा जोड़ चुका है। गुरुवार को मंदिर की सात दान पेटियां खोली गईं, जिनमें पिछले दो माह में प्राप्त कुल दान राशि का खुलासा हुआ। मंदिर समिति के अनुसार, इन दो महीनों में बाबा काल भैरव के खजाने में 16 लाख 48 हजार 970 रुपये की राशि जमा हुई है।
बता दें, महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद, देशभर से आने वाले श्रद्धालु बाबा काल भैरव के दर्शन के लिए इस मंदिर का रुख करते हैं। ऐसे में काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। वहीं, मंदिर समिति की प्रशासक संध्या मार्कंडेय ने बताया कि गुरुवार को बड़ी भेंट पेटियों को खोला गया, और इन पेटियों से प्राप्त दान राशि की गिनती की गई। शाम तक गिनती पूरी होने पर यह राशि मंदिर समिति के खाते में जमा कर दी गई। इसके बाद शुक्रवार को गर्भगृह में रखी दो छोटी भेंट पेटियों की राशि की गणना की जाएगी। काल भैरव मंदिर में किसी भी प्रकार के पूजन के लिए शासकीय रसीद या शीघ्र दर्शन टिकट की व्यवस्था न होने के बावजूद, श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान मंदिर की सबसे बड़ी आय का स्रोत बन चुका है।
बता दें, काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और उनकी दी गई दान राशि न केवल मंदिर की समृद्धि का कारण बन रही है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि इस मंदिर की आस्था का दायरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। हर साल, इस मंदिर से मिलने वाली दान राशि से मंदिर की देखरेख, सुधार और पुनर्निर्माण कार्यों को वित्तीय समर्थन मिलता है।