बैरिकेड्स पर लगाई कनात, पीछे से लोग भी नहीं देख पाएंगे महाकाल की सवारी

उज्जैन। सावन माह के सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारी के दर्शनों पर आमजन के लिये प्रतिबंध लगाया गया है। कोरोना नियमों के अंतर्गत प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना है। इसी कारण प्रशासन ने लोगों से ऑनलाइन माध्यम से सवारी के दर्शन करने की अपील भी की। महाकाल की पहली सवारी के दौरान पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी के चलते आमजन सवारी मार्ग तक नहीं पहुंच पाये, लेकिन दूसरी सवारी के दौरान पुलिस व्यवस्था को चकमा देते हुए सवारी मार्ग तक पहुंच गये और 7 फीट ऊंचे बैरिकेड्स के पीछे से सवारी भी देखी। इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी नहीं किया। इसको देखते हुए प्रशासन द्वारा अब सवारी मार्ग की ओर आने वाले रास्तों में लगने वाले बेरिकेड्स पर कनातें लगा दी गई हैं। अब जो लोग सवारी मार्ग तक पहुंच भी जाएंगे तो पालकी के दर्शन नहीं कर पाएंगे।

 

महाकाल दर्शन करने वालों को लौटना पड़ा

श्रावण मास में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र के श्रद्धालु निजी चौपहिया वाहनों से पहुंचकर हैं। एक दिन पहले मंदिर प्रशासन द्वारा मध्यप्रदेश से बाहर के श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया, जिस कारण दिल्ली, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के सैकड़ों लोगों को भगवान के दर्शन किये बगैर ही लौटना पड़ा।

 

एक दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग बंद:

महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनों के पहले ऑनलाइन बुकिंग कराना आवश्यक है। रविवार को आमजन का मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित रहा। मंदिर प्रशासन द्वारा बुकिंग साइड को एक दिन पहले ही ब्लॉक कर दिया गया था। इस कारण लोग रविवार को दर्शनों की अनुमति नहीं ले पाये जबकि शुक्रवार को जिन लोगों ने बुकिंग कराई थी उसे निरस्त कर दिया गया।

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