भाजपा नेता ने टीआई को धक्का मारा, सीएसपी बोली- मुझे बदतमीज महिला कहा

मुख्यमंत्री के उज्जैन में रहने के दौरान भाजपा नेताओं के दो बार पुलिस से विवाद हो गए। पहला विवाद थाना प्रभारी से हुआ। मिलने वालों की लिस्ट में नाम नहीं होने के बाद भी हेलीपेड पर मिलने जाने की जिद पर भाजपा नेता अड़ गए। इसे लेकर पूर्व पार्षद ओम अग्रवाल और पूर्व यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल का माकड़ौन थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया से विवाद हो गया। अग्रवाल ने थाना प्रभारी को धक्का दे दिया। थाना प्रभारी ने भी अग्रवाल को धक्का दिया। इस दौरान पचौरिया पर बैरिकेड्स भी गिरा। इससे उनके पैर में चोट आई व अंगुली फ्रैक्चर हो गई। इसके बाद भाजपा नेता राजपाल सिंह सिसौदिया व नानाखेड़ा सीएसपी ऋतु केवरे के बीच बहस हो गई।

 

यह देख पुलिस अिधकारी ने भी अग्रवाल पर हाथ चलाया।
यह देख पुलिस अिधकारी ने भी अग्रवाल पर हाथ चलाया।

हेलीपेड पर संक्रमित भाजपा पार्षद की पत्नी का सूची में नाम नहीं होने के बाद भी सीएम से मिलवाने ले जाने पर सीएसपी ने उन्हें रोका। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि भाजपा नेता व सीएसपी में कहासुनी हो गई। सीएसपी को ट्रांसफर की धमकी देते हुए अपशब्द कहे गए। इस पर सीएसपी ने कहा- नेतागिरी भुला दूंगी। भाजपा नेताओं ने सीएम से सीएसपी केवरे की शिकायत की। सीएम ने वहां मौजूद आईजी राकेश गुप्ता से कहा जांच करवाएं। हेलीपेड पर हुई घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें पूर्व पार्षद ओम अग्रवाल व माकड़ौन थाना प्रभारी पचौरिया के बीच हाथापाई होते दिखाई दे रही है।

 

जवाब में फिर अग्रवाल आक्रामक हो गए।
जवाब में फिर अग्रवाल आक्रामक हो गए।

कहीं भी ट्रांसफर करवा दो, नौकरी दमदारी से ही करूंगी : सीएसपी ऋतु केवरे

 

अकेला हेलीपेड जा रहा था, सीएसपी ने ऐसा क्यों कहा, मुझे समझ नहीं आया

मुख्यमंत्री के भोपाल वापस रवाना होने से पूर्व मैं हेलीपेड पर पहुंचा था। प्रवेश के दौरान वहां तैनात सीएसपी ऋतु केवरे ने मुझे देख कहा कि राजपाल तेरी नेतागिरी और वकालात भुला दूंगी। मैं भी ग्वालियर की हूं। मैं कुछ समझ नहीं पाया कि वह मुझे ऐसा किसलिए बोल रही थी। मेरे कोई गलत धंधे नहीं चल रहे जो मेडम मेरी नेतागिरी भुलाएंगी। मैं उनसे पहले कभी मिला भी नहीं हूं। सीएसपी ने भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल व पूर्व पाषद ओम अग्रवाल से भी विवाद किया। घटना की शिकायत मैंने आईजी राकेश गुप्ता से लिखित में की है। सीएम को भी इस बारे में अवगत करवाया है। देखते हैं वे जांच कर क्या कार्रवाई करवाते हैं।

राजपाल सिंह सिसौदिया, भाजपा नेता

इस पर पीछे खड़े लोगों ने उन्हें रोककर एक ओर कर दिया।
इस पर पीछे खड़े लोगों ने उन्हें रोककर एक ओर कर दिया।

 

राजपाल ने सरेआम अपशब्द कहे और ट्रांसफर की धमकी दी- सीएसपी

हेलीपेड पर एक पार्षद की पत्नी मुख्यमंत्री से मिलने की जिद करने लगी। उनका नाम सूची में नहीं था, इसलिए रोका। महिला ने ही बताया कि उनके पति पॉजिटिव हैं। इसलिए मैं मुख्यमंत्री का स्वागत करने आई हूं। मैंने कहा फिर तो आपको बिल्कुल नहीं आना चाहिए था। तभी भाजपा नेता राजपाल आ गए और महिला को सीएम से मिलाने ले गए। इस बीच पचौरिया पर बैरिकेड्स गिरा देने पर मैं व अन्य अधिकारी वहां पहुंचे। यहां राजपाल ने मुझसे कहा कि यह महिला तो है ही बदतमीज, इसका तो ट्रांसफर करवाना पड़ेगा। मुझे अपशब्द कहे व ट्रांसफर की धमकी दी गई। मैं अपनी ड्यूटी कर रही थी। मुझे कहीं भी भिजवा दें, सही हूं तो नौकरी दमदारी से ही करूंगी।

ऋतु केवरे, सीएसपी नानाखेड़ा

 

पार्षद व्यास ने कहा- इंदौर में भर्ती हूं

हेलीपैड पर हुए विवाद की घटना के बाद पार्षद संतोष व्यास से फोन पर बात की गई। उन्होंने कहा कि 26 तारीख से अस्पताल में भर्ती हूं। वर्तमान में इंदौर के इंडेक्स अस्पताल में उपचाररत हूं। मेरी पत्नी हेलीपैड पर सीएम से मिलने गई थी। पता चला है लेकिन क्या घटना हुई है इस बारे में मुझे कुछ नहीं मालूम।

 

जांच में ही सही स्थिति सामने आएगी

हेलीपेड पर संक्रमित पार्षद की पत्नी को सीएसपी ने रोका था, जिसके बाद कहासुनी हुई। मुख्यमंत्री जांच के लिए कहा है। जिसमें एडिशनल एसपी अमरेंद्रसिंह चौहान को जांच सौंपी है। जांच में जो सही स्थिति सामने आएगी उस आधार पर निर्णय लेंगे।

राकेश गुप्ता, आईजी।

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