- हनुमान जन्मोत्सव आज, उज्जैन में हो रहे विशेष पूजन-अनुष्ठान: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज की साधना अत्यंत फलदायी; 108 हनुमान मंदिरों में दर्शन से वर्षभर मिलती है कृपा
- हनुमान जन्मोत्सव पर महाकाल का हनुमान स्वरूप में श्रृंगार, भस्म आरती के बाद उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
अनदेखी:आज मौनी अमावस्या का स्नान : रामघाट पर वाहनों की धुलाई, गंदा पानी नदी में
मौनी अमावस्या गुरुवार को है। मौनी अमावस्या का स्नान पर्व रहता है। इस दिन शिप्रा में स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। इधर रामघाट की अव्यवस्थाओं पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा।
घाट पर बेतरतीब वाहन पार्किंग के अलावा अब लोग नदी किनारे ही वाहन भी धोने लगे हैं। इसके अलावा घाट पर गंदगी और फिसलन भी हो रही है। यहां व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम ने सफाई अमला तैनात किया है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और होमगार्ड के सैनिक भी तैनात है। इसके बावजूद घाट पर कई वाहन पहुंच रहे हैं। वहीं घाट पर इन वाहनों की धुलाई भी की जा रही है। यह गंदा पानी शिप्रा में मिल रहा है, जहां लोग स्नान करते हैं।
सप्तग्रही के विशेष योग में अमावस्या
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार मौनी अमावस्या विशेष योग में आई है। माघ, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, गुरुवार, श्रवण-धनिष्ठा नक्षत्र, शनि प्रधान मकर राशि का चंद्र, सूर्य व गुरु का संयोग है। मकर राशि मे सप्तग्रही युति सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, गुरु एक साथ एकत्रित होकर स्नान, दान, पुण्य के पर्व को खास बना रहे हैं।
श्रवण नक्षत्र का योग ध्वज, गुरु चंद्र की युति गजकेसरी योग बना रही है। आचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया विशेष योगों में पवित्र नदियों में स्नान व दान का फल अनंत गुणा हो जाता है। मौनी अमावस्या को पितृ गणों को जलांजलि देने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आचार्य शर्मा ने बताया मौन रहकर दान पुण्य करने से सहस्र गोदान का पुण्य प्राप्त होता है। गुरुवार रात 12.35 बजे तक अमावस्या तिथि का संयोग रहेगा। अतः पुण्यकाल दिनभर रहेगा। मौनी अमावस्या को पवित्र नदी के जल से स्नान कर तिल व तिल से बने पदार्थों के साथ ही गरीब, असहाय, जरूरतमंद व्यक्तियों को भोज्य पदार्थों का दान करना चाहिए। इस दिन ऊनी कंबल का दान करना चाहिए।