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अब खुला दूध भी मंहगा 56 रुपए लीटर हुआ:आम आदमी पर महंगाई की मार मूल्य वृद्धि आज से लागू
उज्जैन। आम आदमी पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। आठ दिन पहले अमूल और मदर डेयरी सहित साँची ने अपने दूध के दामों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद अब खेरची दूध के दामों में भी दो रूपए की बढ़ोतरी हुई है। दूध के बढ़े हुए दाम गुरुवार से लागू हो जाएंगे। निश्चित ही इस बढ़ोतरी से आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
सरकारी दुग्ध संघ ने आठ दिन पहले अपने पैकेट वाले दूध पर दो रूपए की बढ़ोतरी की थी। इसके कारण आम आदमी खेरची दूध की ओर आगे बढ़ा था। वहीं अब खेरची दूध विक्रेता संघ ने भी बैठक के बाद प्रति लीटर दो रूपए बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। बढ़ी हुई दरे आज 1 सितम्बर से ही लागू हो जाएगी। उज्जैन खेरची दूध विक्रता संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों व डेयरी संचालकों की मंगलवार को बैठक रखी गई थी। इसमें वर्तमान में दुग्ध उत्पादन की कमी को ध्यान में रखते हुए व 11 अगस्त से सांची दूध संघ की खरीदी एवं बिक्री भाव बढ़ाने के कारण किसानों को दूध खरीदी का मूल्य बढ़ाकर दिया जाना तय किया है। इस वजह से गुरुवार से दूध 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाकर दूध का भाव 56 रुपए लीटर किया गया है। गौरतलब है कि पहले बारिश के मौसम में डेयरी वाले दूध के दाम कम हो जाते थे। इससे आम लोगों को भी राहत मिलती थी। अब वर्ष में कभी भी दूध के दाम बढ़ा दिए जाते है।
पशु आहर के दाम भी बढ़े
दूध व्यवसायी राधेश्याम यादव का कहना है कि अच्छा दूध उत्पादन के लिए पशु पालकों को पशु आहर का भी ध्यान रखना पड़ता है। बाजार में पशु आहर में खली की कीमतें भी बढ़ी है। वर्तमान में 60 किलो खली की बोरी 2450 रूपए के भाव से मिल रही है। वहीं पशु आहर सुकला की कीमत भी 1100 सौ रूपए प्रति क्विंटल है। इसी तरह हरा चारा के भाव में भी तेजी है। पहले हरा चारा की पिंडी 10 रूपए में मिलती थी वही अब 20 रूपए की हो गई है।
प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध की होती है खपत
दूध व्यवसायियों को कहना है कि शहर में पैकेट वाले दूध में सबसे ज्यादा बिक्री सांची की ही होती है। इसके अलावा खुला दूध डेयरी के माध्यम से अधिक मात्रा में बेचा जाता है। शहर में दोनो ही प्रकार के दूध की खपत करीब दो लाख लीटर तक प्रतिदिन हो जाती है। ऐसे में स्पष्ट है कि दूध के भाव में हुई मूल्य वृद्धि का असर आम आदमी पर पड़ेगा।