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अब रामघाट तक का सफर अब करना होगा पैदल तय
उज्जैन. शिप्रा नदी को प्रदूषण से बचाने व घाटों के संरक्षण के लिए रविवार से रामघाट को नो-व्हीकल जोन कर दिया है। घाट सेक्शन में कोई भी वाहन नहीं जाएंगे। रामानुजकोट, नृसिंह घाट एरिया व छोटी रपट मार्ग के नजदीक ड्रॉपगेट लगा दिए हैं। यहां से दिव्यांग, वृद्धों के लिए ई-रिक्शा की नि:शुल्क सेवा मिलेगी। शनिवार को निगमायुक्त आशीष सिंह, एएसपी विनायक वर्मा ने रामघाट पर दौरा कर पार्किंग व अन्य इंतजाम देेखें।
रामघाट क्षेत्र को नो-व्हीकल घोषित किया
नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने रामघाट क्षेत्र को नो-व्हीकल घोषित किया है। अब यहां कोई भी वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे। तीनों प्रमुख रास्तों पर स्थाई बैरिकेडिंग रहेगी और जवान भी तैनात रहेंगे। मौजूदा स्थिति में दो-चार पहिया, ऑटो, मैजिक व अन्य वाहन घाट किनारे तक पहुंच रहे थे। इससे घाटों को नुकसान व इस क्षेत्र का वातावरण खराब हो रहा था। बेतरतीब वाहन खड़े होने से अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी।
नो-व्हीकल के होंगे फायदे
– घाट पर बेतरतीब वाहन खड़े नहीं होंगे।
– वाहनों से होने वाला वायु प्रदूषण रुकेगा।
– घाटों की फर्शियों में टूट-फूट नहीं होगी।
– वाहन की तेज स्पीड से दुर्घटना का भी अंदेशा रहता है।
– घाट साफ-सुथरे रहेंगे और वातावरण धार्मिक दिखेगा।
– केवल ई-रिक्शा ही चलेंगे, सुंदरता बनी रहेगी।
पालन व अन्य चुनौतियां भी
– पहले भी रामघाट नो-व्हीकल हुआ था लेकिन पालन नहीं।
– पुलिस पूरे समय बंदोबस्त नहीं लगा पाती, वाहन घुस जाते हैं।
– प्रवेश के तीनों स्थानों पर सतत निगरानी मुश्किल।
– पैदल के लिए रास्ता खुला रहेगा, यहां से दो पहिया अंदर आएंगे।
– ड्रॉपगेट के आसपास पार्किंग के समुचित इंतजाम नहीं है।
…तो कुछ परेशानियां भी होगी
– श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से घाट तक सामान लेकर पैदल जाना पड़ेगा।
– पंडे-पुजारियों को सामान लाने ले जाने में परेशानी होगी।
– ई-रिक्शा सेवा सुबह से रात तक नहीं चलीं तो दिक्कत।
– अभी लोग वाहन अंदर तक लाकर गाड़ी में सामान रख चेंज करते हैं।
– ऑटो रिक्शा वालों की यहां से कमाई खत्म हो जाएगी।