- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
आज से प्लाज्मा थैरेपी से इलाज शुरू; 17 दिन पहले कोरोना को हराने वालीं नर्स दीपा होंगी पहली ब्लड डोनर
उज्जैन. आगररोड स्थित आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शुक्रवार को देश का 61 वां केंद्र बन जाएगा जहां कोरोना का इलाज प्लाज्मा थैरेपी से होगा। इसके लिए मेट्रन दीपा मोहन (37) पहली ब्लड डोनर बनेंगी। उनके ब्लड डोनेट करने के बाद दोपहर 12 बजे सेपरेटर मशीन से प्लाज्मा लेने की शुरुआत होगी।
अस्पताल में मशीन लगने के बाद गुरुवार शाम सिंहस्थ मेला कार्यालय में संभागायुक्त आनंद शर्मा ने प्रशासन, पुलिस और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारी की जानकारी ली। तय हुआ शुक्रवार दोपहर 12 बजे इस थैरेपी से इलाज की शुरुआत की जाए। शर्मा के अनुसार यह अस्पताल देश का 61 वां केंद्र होगा जहां कोरोना का प्लाज्मा थैरेपी से इलाज हो सकेगा। शहर में इलाज की यह तकनीक भी शुरू हो रही है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया अस्पताल में इस थैरेपी से इलाज के लिए सभी तैयारी हो चुकी है। अस्पताल प्रभारी अपर कलेक्टर एसएस रावत के अनुसार इसके लिए कोरोना पॉजिटिव होकर ठीक हुए 18 से 60 साल के नागरिकों को ब्लड डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जो लोग कोरोना को हरा कर घर पहुंच गए हैं वे 15 दिन बाद इसके लिए ब्लड डोनेट कर सकते हैं। डोनेट किए ब्लड से मशीन द्वारा प्लाज्मा अलग किया जाएगा। यह प्लाज्मा विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में कोरोना पीड़ित मरीज को देंगे। यह थैरेपी उस मरीज को दी जाएगी जो केवल गंभीर और ऑक्सीजन पर हैं। शर्मा के अनुसार डोनर तैयार करने के लिए टीम का गठन भी किया जाएगा।