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रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार रंगपंचमी के अवसर पर भस्म आरती के दौरान विशेष व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है कि भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त रंग ही अर्पित किया जाएगा।
मंदिर समिति के अनुसार यह व्यवस्था पिछले कुछ वर्षों से जारी है। दरअसल, दो वर्ष पहले धुलेंडी के दिन मंदिर के गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को और कड़ा किया गया था। उसी के तहत इस बार भी भक्तों, पंडे और पुजारियों को मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भस्म आरती में टेसू के फूलों से बने हर्बल रंग का उपयोग
रंगपंचमी के दिन महाकाल मंदिर में उत्सव की शुरुआत तड़के होने वाली भस्म आरती से होगी। सुबह करीब 4 बजे शुरू होने वाली आरती में भगवान महाकाल को टेसू के फूलों से तैयार हर्बल रंग अर्पित किया जाएगा।
इस रंग को विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि धार्मिक परंपरा भी बनी रहे और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
सख्त जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश
मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि भस्म आरती के दौरान भगवान को केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग साथ लेकर न आएं।
मंदिर की कोठार शाखा से उपलब्ध होगा रंग
मंदिर प्रशासन ने बताया कि भगवान को अर्पित किया जाने वाला केसर युक्त रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसे पुजारियों और शासकीय पुजारियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दिया जाएगा।
इसके अलावा पंडे और पुजारियों के लिए भी मंदिर में प्रवेश से पहले जांच की प्रक्रिया अनिवार्य रखी गई है, ताकि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।
रंगपंचमी के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और भस्म आरती के साथ रंगोत्सव की शुरुआत का साक्षी बनते हैं।