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उच्च शिक्षा विभाग:पुराने माधव कॉलेज और जवाहर छात्रावास की अनुपयोगी जमीन देखने भोपाल से आया दल
देवासगेट स्थित शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय (पुराना माधव कॉलेज) और कोठी रोड स्थित जवाहर छात्रावास की भूमि को रीडेंसिफिकेशन योजना में शामिल किए जाने के बाद इसको लेकर प्रक्रिया तेज हो गई हैं। इसी को लेकर उच्च शिक्षा विभाग और गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास के अधिकारियों के दल ने सोमवार को शहर के चारों शासकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण किया।
इसके पहले अधिकारियों के दल ने देवास रोड स्थित अतिरिक्त संचालक कार्यालय में अतिरिक्त संचालक के साथ ही शहर के चारों शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की। इसमें रीडेंसिफिकेशन योजना के अंतर्गत स्थानों का चयन करने के लिए स्थल निरीक्षण किया गया। इस दौरान माधव साइंस कॉलेज और शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अनुपयोगी जमीन नहीं मिली।
पूर्व से चिह्नित कालिदास कन्या महाविद्यालय (पुराना माधव कॉलेज) और जवाहर छात्रावास की भूमि पर ही अधिकारियों ने ज्यादा समय निरीक्षण किया। कालिदास कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने बताया दल के सदस्यों ने हमसे भवन सहित अन्य रिक्वायरमेंट पूछी हैं, जिसकी जानकारी हमने दी है।
अभी तो हमें पुराने माधव कॉलेज भवन का पजेशन ही नहीं मिला है। उच्च शिक्षा विभाग ने पुराने माधव कॉलेज और जवाहर छात्रावास की भूमि को रीडेंसिफिकेशन योजना में शामिल किया है, जिसके अंतर्गत आंकलन की गई इन भूमि की राशि 91 करोड़ रुपए लगाई गई है। इधर इसको लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।
यह है रीडेंसिफिकेशन योजना
रीडेंसिफिकेशन योजना में ऐसी सरकारी संपत्ति ली जाती है, जिसकी जमीन का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। इन लोकेशन पर सरकार शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सरकारी भवन और आवास बनाएगी। सरकारी संपत्ति का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बिल्डर या डेवलपर को दिया जाएगा। इसके एवज में सरकार संबंधित डेवलपर से तय रकम लेगी। इससे बाकी 70 प्रतिशत हिस्से पर निर्माण कार्य कराएगी। इससे राज्य सरकार को कोई पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा, बल्कि जमीन (संपत्ति) के एक हिस्से को निजी हाथों (बिल्डर-डेवलपर) में सौंप दिया जाएगा।
अतिरिक्त संचालक ने कहा- चारों महाविद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा
उच्च शिक्षा विभाग के उज्जैन संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. अर्पण भारद्वाज ने बताया रीडेंसिफिकेशन योजना में दो स्थानों पर महाविद्यालयों की अनुपयोगी भूमि लेकर इससे चारों शासकीय महाविद्यालयों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कालिदास कन्या महाविद्यालय का भी नया भवन एक मॉडल के रूप में बनाया जाएगा। सोमवार को भोपाल से आए उच्च शिक्षा विभाग और गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास के अधिकारियों के दल ने चारों कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर स्थलों का निरीक्षण किया है। जिसकी रिपोर्ट वह भोपाल में मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे।