- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
उज्जैन असेंबली इलेक्शन 2023 : उज्जैन में लहर न मुद्दा, कांटे की टक्कर ने बढ़ाईं धड़कनें
उज्जैन के संभागीय क्षेत्र में आने वाले सात जिलों उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा की 29 विधानसभा सीटों पर जीत के लिए भाजपा-कांग्रेस दोनों खासी मशक्कत कर रही हैं। यह सीटें कभी भाजपा के दबदबे वाली मानी जाती थीं। 2013 में पार्टी ने 29 में से 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन 2018 के चुनाव में यह आंकड़ा 17 पर सिमट गया।
बाद में सरकार बदलने और दो विधानसभा सीटों (सुवासरा, हाटपिपलिया) पर उपचुनाव के बाद भाजपा ने संभाग में अपने विधायकों की संख्या 19 कर ली। इस बार भाजपा का फोकस फिर 2013 का प्रदर्शन दोहराने पर है। उधर, कांग्रेस भी संभाग की सीटों पर बहुत सक्रिय है। खास यह है कि इस बार चुनावी लहर नहीं है। कोई बड़ा मुद्दा भी प्रभावी नहीं है। फिर भी अधिकतर सीटों पर कांटे की टक्कर दिखने लगी है। इससे प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।