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उज्जैन नगर निगम में 57 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जारी किए आदेश; सिंहस्थ-2028 से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन नगर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे 57 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। रविवार देर रात जारी हुए इन आदेशों के बाद निगम के अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को उनके अनुभव और पात्रता के आधार पर उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार यह पदोन्नति प्रक्रिया मध्य प्रदेश शासन और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के तहत पूरी की गई है। इस निर्णय का उद्देश्य कर्मचारियों को उनके कार्य अनुभव के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देना और विभागीय कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाना है। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन से पहले यह प्रशासनिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार 34 सहायक वर्ग-3 कर्मचारियों को सहायक वर्ग-2 के पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा 11 सहायक राजस्व निरीक्षकों को उप राजस्व निरीक्षक बनाया गया है। वहीं 8 भृत्यों को सहायक वर्ग-3 पद की जिम्मेदारी दी गई है। इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
इसके साथ ही नगर निगम के दो सहायक लेखापालों को लेखापाल पद पर पदोन्नत किया गया है, जबकि दो टाइमकीपरों को उपयंत्री के पद पर जिम्मेदारी दी गई है। अलग-अलग विभागों में हुए इन प्रमोशन से कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे निगम की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ेगा। बेहतर जिम्मेदारी मिलने के बाद कर्मचारी नागरिकों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे सकेंगे।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि यह फैसला केवल पदों में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विभागों की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। स्वच्छता व्यवस्था, राजस्व वसूली, विकास कार्यों और आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं के संचालन में कर्मचारियों की जिम्मेदारियां अधिक स्पष्ट होंगी। इससे शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ-2028 उज्जैन का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है, जिसे देखते हुए नगर निगम लगातार अपनी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है। कर्मचारियों की पदोन्नति को भी इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक कार्यों और नागरिक सुविधाओं को संभालने के लिए अनुभवी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
पदोन्नति के साथ नगर निगम में लंबे समय से खाली पड़े पदों और जिम्मेदारियों के बेहतर वितरण में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को उचित पद मिलने से काम के प्रति उनकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और विभागीय कार्यों में तेजी आएगी। इसका असर आने वाले समय में नगर निगम की सेवाओं पर दिखाई दे सकता है।
इसके अलावा उज्जैन नगर निगम में 8 एल्डरमैन यानी नामित पार्षदों की नियुक्ति भी की गई है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सामाजिक क्षेत्र और विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले लोगों को यह जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मुकेश मालवीय, अशोक देवड़ा, मनीष खंडेलवाल, अरविंद उपाध्याय, मुकेश चौधरी, धर्मेंद्र बरुआ, शैलेंद्र यादव और मधुकर राव शामिल हैं।
नगर निगम में कर्मचारियों की पदोन्नति और एल्डरमैन की नियुक्ति को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच किए गए इन फैसलों से नगर निगम की व्यवस्थाओं को गति मिलने और शहर में बेहतर प्रशासनिक संचालन की उम्मीद जताई जा रही है।