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उज्जैन : नर्मदा के साफ जल से श्रद्धालु करेंगे पर्व स्नान
उज्जैन। बारिश के दौरान त्रिवेणी पर मिलने वाली कान्ह नदी पर बना मिट्टी का स्टापडेम बह जाने से शिप्रा नदी में लगातार दूषित पानी मिल रहा था। त्रिवेणी से लेकर रामघाट तक शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी स्टोर होने से लोग परेशान थे। मकर संक्रांति पर हजारों लोग शिप्रा नदी में पर्व स्नान करेंगे जिसको लेकर नगर निगम आयुक्त ने सुबह अधिकारियों के साथ रामघाट पहुंचकर स्टेंडअप मीटिंग की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कान्ह नदी पर बना मिट्टी का स्टापडेम बाढ़ के दौरान बह जाने के कारण शिप्रा नदी में दूषित पानी स्टोर हो गया था। पीएचई विभाग ने नदी पर बने स्टापडेम के गेट खोलकर दूषित स्टोर पानी को आगे बहा दिया और पाइप लाइन के माध्यम से नर्मदा का पानी शिप्रा नदी में स्टोर किया था। वर्तमान में शिप्रा नदी के रामघाट पर पानी का लेवल सामान्य से तीन फीट नीचे है, जबकि त्रिवेणी स्टापडेम पर नर्मदा का साफ पानी एकत्र हो चुका है जिसे अब रामघाट की ओर बढ़ाया जायेगा। अधिकारियों का कहना है कि नर्मदा के साफ पानी से ही मकर संक्रांति पर लोगों को पर्व स्नान कराया जायेगा।
कान्ह पर फिर बना मिट्टी का स्टापडेम
नर्मदा का साफ पानी शिप्रा नदी में डालने से पहले त्रिवेणी स्थित कान्ह के बह चुके मिट्टी के स्टापडेम को फिर से बना दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कान्ह का गंदा पानी अब शिप्रा नदी में नहीं मिलेगा इसका फायदा यह होगा कि नर्मदा के स्टोर पानी को जलप्रदाय के उपयोग में भी लिया जा सकेगा।
व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
निगमायुक्त सुबह अपर आयुक्त मनोज पाठक, उपायुक्त, पीएचई अधिकारियों के साथ शिप्रा नदी के रामघाट पहुंचे। यहां पैदल भ्रमण कर नदी में नर्मदा का साफ पानी छोडऩे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रामघाट पहुंचने के अनुमान के मुताबिक चलित शौचालय, पीने के पानी और सफाई व्यवस्था के निर्देश भी दिये।
अपनी टीम के साथ घाटों का निरीक्षण करते नगर निगम आयुक्त
