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उज्जैन बंद , कांग्रेसियों ने की नारेबाजी पेट्रोल पंप पर झड़प…
उज्जैन। पेट्रोल, डीजल के मूल्य में लगातार हो रही वृद्धि, राफेल घोटाला आदि को लेकर कांग्रेस द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसी के चलते शहर कांग्रेस ने एक दिन पहले से शहर बंद की तैयारियां प्रारंभ की। आज सुबह से खुलने वाली होटलें, ठेले, गुमटी, मैजिक, ऑटो बंद रहे। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों पर रैली निकालकर उज्जैन बंद के समर्थन में व्यापारियों का आह्वान किया।
आधी खुली तो आधी बंद रहीं दुकानें
शहर बंद के दौरान सुबह से खुलने वाली होटल, ठेले गुमटी आधी खुली थीं और लोग रोजाना की तरह होटल पर चाय नाश्ता कर रहे थे, लेकिन जब कांग्रेस नेताओं की रैली होटलों के सामने पहुंची तो होटल संचालकों ने काउंटर अंदर कर अपनी दुकानें बंद कर लीं। इसी प्रकार मैजिक, आटो चालक सुबह से अपने वाहन लेकर यात्रियों को बैठाकर सड़कों पर निकल पड़े उन्हें कांग्रेस नेताओं ने माइक से एनाउंस कर वाहन बंद करने की बात कही और सवारियों को वहीं उतारकर अपने वाहन साइड में खड़े करने की बात कही।
शहर कांग्रेस से जुड़े पूर्व विधायक, पूर्व और वर्तमान पार्षदों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी डीजे, माइक और दो पहिया वाहनों से देवासगेट चौराहे पर पहुंचे। साथ ही मैजिक, आटो चालकों से उज्जैन बंद के समर्थन में वाहन बंद रखने का आह्वान करते रहे और अलग-अलग वाहनों से अनाउंस करते नजर आए।
शहर बंद के दौरान सुबह से खुलने वाली होटल, ठेले गुमटी आधी खुली थीं और लोग रोजाना की तरह होटल पर चाय नाश्ता कर रहे थे, लेकिन जब कांग्रेस नेताओं की रैली होटलों के सामने पहुंची तो होटल संचालकों ने काउंटर अंदर कर अपनी दुकानें बंद कर लीं। इसी प्रकार मैजिक, आटो चालक सुबह से अपने वाहन लेकर यात्रियों को बैठाकर सड़कों पर निकल पड़े उन्हें कांग्रेस नेताओं ने माइक से एनाउंस कर वाहन बंद करने की बात कही और सवारियों को वहीं उतारकर अपने वाहन साइड में खड़े करने की बात कही।
शहर कांग्रेस से जुड़े पूर्व विधायक, पूर्व और वर्तमान पार्षदों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी डीजे, माइक और दो पहिया वाहनों से देवासगेट चौराहे पर पहुंचे। साथ ही मैजिक, आटो चालकों से उज्जैन बंद के समर्थन में वाहन बंद रखने का आह्वान करते रहे और अलग-अलग वाहनों से अनाउंस करते नजर आए।
पोस्टर बैनर लेकर चल रहे थे कांग्रेसी
एक ओर शहर कांग्रेस के बैनर तले उज्जैन बंद का आह्वान किया जा रहा था तो दूसरी ओर कांग्रेस के अलग-अलग गुटों में बंटे नेता डीजे वाहन पर अपना पोस्टर, बैनर लगाकर समर्थकों के साथ उज्जैन बंद के नारे लगाते चल रही थी। देवासगेट चौराहे पर भी अलग-अलग गुटों के नेता एकत्रित तो हुए लेकिन सभी लोग अपने समर्थकों के साथ गुटों में बंटकर फोटो सेशन कराते नजर आये। यही कारण रहा कि कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता बंद के समर्थन में शहर की सड़कों पर होने के बावजूद बड़ी रैली के रूप में दिखाई नहीं दिये।
प्रायवेट स्कूल बंद, यात्री हुए परेशान
कांग्रेस द्वारा शहर बंद के आह्वान के चलते शहर के अनेक प्रायवेट स्कूल बंद रहे जबकि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थी रोजाना की तरह पहुंचे। बंद के दौरान लोक परिवहन की सिटी बसें, मैजिक और ऑटो बंद होने के कारण लोगों को पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा और उन्हें परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। हालांकि बंद से मेडिकल, दूध व फल सब्जी की दुकानों को मुक्त रखा गया था इस कारण उक्त दुकानें खुली रहीं।
पुलिस अधिकारी होते रहे परेशान
कांग्रेस द्वारा अलग-अलग गुटों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस निकालकर बंद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे इस कारण पुलिस अधिकारी भी परेशान होते रहे। हर जुलूस के आगे-पीछे पुलिस फोर्स चल रहा था और जुलूस मार्ग निश्चित नहीं होने से शहर में लगा अतिरिक्त फोर्स भी परेशान हुआ। देवासगेट चौराहे पर एएसपी नीरज पंडे स्वयं मय फोर्स के मोर्चा संभाले हुए थे।
यह उतरे सड़कों पर
उज्जैन बंद कराने में सुबह से ही कांग्रेस के जो नेता सड़कों पर उतरे उनमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी, राजेंद्र भारती, कमल पटेल, जयसिंह दरबार, पूर्व पार्षद रवि राय, कैलाशसिंह बिसेन, वरिष्ठ नेता अरुण वर्मा, नरेन्द्र कछवाय, अंतरसिंह चौधरी, चैनसिंह चौधरी, रवि भदौरिया, अमित शर्मा, छोटेलाल परिहार, विवेक यादव, भूरू गौड़, शक्ति वर्मा, गब्बर कुवाल, कमलेश धनावत, प्रभुलाल कबाड़ी, छोटेलाल मंडलोई, पूर्व एल्डरमैन गोपाल यादव, कुश वर्मा आदि शामिल रहे।




