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उज्जैन में कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा, पहली बार अलग-अलग रथों पर होंगे जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के दर्शन
उज्जैन में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली जाएगी। इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित इस वर्ष की यात्रा कई विशेषताओं के कारण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पहली बार भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलराम और बहन देवी सुभद्रा तीन अलग-अलग पारंपरिक रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को तीनों विग्रहों के अलग-अलग भव्य दर्शन का अवसर मिलेगा।
रथयात्रा के लिए भगवान के श्रृंगार को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से बनाई गई शाही पोशाक रेशमी वस्त्रों, आकर्षक जरी कार्य, विशेष धागों और जापान से मंगवाए गए मोतियों से सजाई गई है। इन पोशाकों को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल से आए 10 अनुभवी कारीगरों ने पिछले दो महीनों तक लगातार मेहनत की। पोशाकों पर धार्मिक प्रतीकों और पारंपरिक डिजाइनों की सुंदर कारीगरी की गई है, जिससे भगवान का दिव्य स्वरूप और अधिक आकर्षक दिखाई देगा।
आयोजकों के अनुसार इस बार यात्रा के लिए तैयार किया गया नंदीघोष रथ सबसे विशाल रहेगा। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु स्वयं रस्सियां खींचकर भगवान के रथ को आगे बढ़ाएंगे, जिसे धार्मिक परंपरा और सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस वर्ष रथयात्रा के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। हर साल बुधवारिया क्षेत्र से निकलने वाली यात्रा इस बार आगर रोड स्थित मंडी चौराहे से प्रारंभ होगी। बदले हुए मार्ग का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने और भगवान के दर्शन का अवसर प्रदान करना है। प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
रथयात्रा में पारंपरिक ढोल-ताशा दल, कीर्तन मंडलियां, हाथी, घोड़े, बग्घियां और भगवान की विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बैलगाड़ियों पर श्रीकृष्ण और गोपियों की वेशभूषा में सजे बच्चे भी यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी हरिनाम संकीर्तन और भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लेंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
उज्जैन में इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इस बार तीन अलग-अलग रथों की परंपरा शुरू होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के भव्य दर्शन, विशेष शाही श्रृंगार, पारंपरिक रथ, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक झांकियां इस आयोजन को शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल करेंगी। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस वर्ष की रथयात्रा पहले की तुलना में अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार साबित होगी।