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उज्जैन में पक्षियों के लिए बने हैं 3,000 फ्लैट, यहां उनके लिए दाना-पानी की भी की गई है व्यवस्था
सार
विस्तार
उज्जैन में लगातार पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक आपदाओं के कारण पक्षियों के घोसले टूट जाने की समस्या को देखते हुए सिंधी समाज ने अद्वितीय पहल की है। सुभाष नगर तालाब के पास पक्षियों के लिए 3000 फ्लैट्स का एक विशेष ‘पक्षी घर’ बनाया गया है। इस आशियाने के माध्यम से अब पक्षी धूप, बारिश, और ठंड से सुरक्षित रह सकेंगे, और उनके लिए उचित आहार की भी व्यवस्था की गई है।
सिंधी समाज के समाजसेवी महेश परियानी ने बताया कि आज के समय में लोग अपने बारे में सोचते हैं, पर पक्षियों की कोई चिंता नहीं करता। इस समस्या का समाधान करने के लिए सिंधी समाज ने उज्जैन में 50 पक्षी घर बनाने का संकल्प लिया है। सुभाष नगर तालाब के पास पहला पक्षी घर बनकर तैयार हो चुका है, जिसकी लागत लगभग 7.50 लाख रुपये आई है। इस पक्षी घर में पक्षियों के लिए दाना पानी की भी व्यवस्था की गई है ताकि वे भूखे न रहें। वार्ड क्रमांक 47 के पार्षद प्रतिनिधि गोपाल बलवानी ने बताया कि सुभाष नगर तालाब के पास बने पक्षी घर का विधिवत शुभारंभ जल्द ही किया जाएगा। इसके लिए पक्षियों के दाना पानी की व्यवस्था और सफाई के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
पक्षी घर की विशेषताएँ
– ऊँचाई: पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस पक्षी घर की ऊँचाई लगभग 52 फीट रखी गई है।
– सुरक्षा: यह टावर एक सेफ्टी टावर के रूप में बनाया गया है ताकि पक्षी यहां पूरी तरह सुरक्षित रहें।
– सुविधाएं: यहां पक्षियों को दाना पानी के साथ ठंड, गर्मी, और बारिश से भी बचाव मिलेगा।
तीसरा पक्षी घर
शहर में यह तीसरा पक्षी घर है। पहले दो पक्षी घर, एक मंगलनाथ मंदिर के पास 55 फीट ऊँचाई पर गुजरात के मोरबी श्री राम कबूतर घर ट्रस्ट द्वारा और दूसरा वसंत विहार क्षेत्र में पूर्व पार्षद स्वर्गीय साधना उज्जैनकर उद्यान में बनाए गए थे। इन स्थानों पर भी पक्षियों को राहत मिली है और वे इन स्थानों को अपने आशियाने के रूप में अपना चुके हैं।