- भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले उज्जैन में प्रार्थना: शिवलिंग के सामने रखी खिलाड़ियों की तस्वीरें, क्रिकेट फैंस ने मांगा आशीर्वाद
- ड्यूटी के बाद रंगों में डूबी उज्जैन पुलिस: कलेक्टर-एसपी ने जवानों संग मनाई होली, ढोल-डीजे पर थिरके अफसर और जवान
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
एक ही व्यक्ति को थमा दिए दो अलग वैक्सीन के प्रमाण-पत्र…
वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट जारी करने में गंभीर खामी
टीकाधारक संशय में… आखिर कौन-सा टीका लगा उन्हें….?
उज्जैन।कोरोना महामारी के बाद अब देश में एक तरफ जहां अधिकांश कार्यों में वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को बढ़ा दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी करने में संबंधित विभाग द्वारा गंभीर लापरवाही बरती जा रही हैं। बुधवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया। जब एक व्यक्ति को कोरोना वैक्सीनेशन के दो अलग-अलग सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। ऐसे में उक्त व्यक्ति को संशय है कि उसका कौन सा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट सही है और कौन सा गलत।
लक्ष्मी नगर निवासी डॉ. राम अरोरा बताते है कि उन्हें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुके है, मंगलवार को जब उन्होंने अपना फुल वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो उनके होश उड़ गए।
पूर्व में भी हो चुकी है, गड़बडिय़ां…
टीकाकरण और इसके सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में पूर्व में भी कई गड़बडिय़ां सामने आ चुकी है। इसमें मृतक व्यक्ति का वैक्सीनेशन बता दिया गया है तो जिसे टीका ही नहीं लगा उसके नाम से भी सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए है। इसके अलावा टाइम लिमिट पूरी नहीं होने के बाद भी एसएमएस भेजकर वैक्सीनेशन की सूचना दी गई है।
जिनके दूसरे डोज का समय हो गया उनको जानकारी तक नहीं मिली है। वेरिफायर्स की लापरवाही का यह भी नतीजा रहा कि गलत डाटा इंट्री की वजह से कई लोग अभी भी अपने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लेने के लिए परेशान है तो कई प्रमाण पत्रों की त्रुटि ठीक करवाने के लिए चक्कर लगा रहे हंै।
इनका कहना
वेरिफायर की गलत इंट्री की वजह से ऐसा संभव है, उसमें रिकार्ड देखकर सुधार किया जा सकता है। गलत प्रमाण पत्र जारी होने पर चिंता जैसी कोई बात नहीं है। स्वास्थ्य अमले के पास सारा रिकार्ड सुरक्षित है। -डॉ. के.सी परमार, जिला
टीकाकरण अधिकारी उज्जैन