- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
Mahakal Temple: अवैध वसूली के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, एक आरोपी निकला HIV पीड़ित; सालों से मंदिर में कर रहा था काम …
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
महाकाल मंदिर से जुड़ी एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार हुए 10 आरोपियों में एक ऐसा नाम सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जी हां, एक आरोपी एड्स पीड़ित निकला!
जेल प्रशासन ने जब इस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया, तो रिपोर्ट आई और उसने सभी को चौंका दिया क्योंकि इस आरोपी में HIV संक्रमण था। अब सवाल उठता है कि एक HIV पीड़ित व्यक्ति महाकाल मंदिर में सालों तक काम कैसे करता रहा? वो बिना किसी मेडिकल जांच के।
आपको जानकर हैरानी होगी कि महाकाल मंदिर में काम करने वाले कुल 306 कर्मचारियों की कभी कोई मेडिकल जांच नहीं की गई। और ये मामला भी इस जांच की कमी का नतीजा है।
जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जेल में सभी आरोपियों की जरूरी जांच की जाती है, लेकिन ये जांच पुलिस की ओर से भेजी जाती है। ताकि अगर किसी को गंभीर बीमारी हो तो उसका सही इलाज किया जा सके। इसी जांच के दौरान पता चला कि मंदिर मामले में पकड़े गए 10 कर्मचारियों में से एक HIV पीड़ित है। अब इस आरोपी को जेल के अलग बैरक में रखा गया है, ताकि उसे विशेष निगरानी और इलाज मिल सके।
जानकारी के लिए बता दें, दर्शन के नाम पर अवैध वसूली के मामले में अब तक 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जिसमें मंदिर के कर्मचारी सहित मीडियाकर्मी और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना किसी मेडिकल जांच के, ये आरोपी इतने सालों तक मंदिर में कैसे काम कर रहा था?
यह घटना न केवल महाकाल मंदिर की सुरक्षा और प्रशासन पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कितनी बड़ी लापरवाही के चलते हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।