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ऐसे हैं सड़कों के हाल:टेस्टिंग के बीच सड़कों के गड्ढे मिट्टी से भर दिए बारिश में कीचड़ होगी, फिसलेंगे वाहन चालक
सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगरीय स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स नियुक्त किए जाने और सेंपल की बार-कोडिंग कर रेंडम लैब में उसकी टेस्टिंग करवाने के बीच में सड़कों के निर्माण के ऐसे हाल हैं कि सड़कें बारिश भी सह नहीं पाई है। ऐसे में फिर से डामरीकरण करना पड़ा। फ्रीगंज की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए तो सोमवार को मिट्टी डाल दी गई जो बारिश होने पर कीचड़ में बदलेगी और वाहन स्लीप होंगे।
माधवनगर अस्पताल के सामने सड़क का एक हिस्सा बैठ गया, जिससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सड़कों का कार्य तेजी से करने की टेंडर अवधि घटाई गई है ताकि जल्द टेंडर किया जाकर निर्माण कार्य शुरू किए जा सके। इन सबके बीच में शहर में सड़कों के निर्माण के यह हाल हैं कि निर्माण होने के साथ ही सड़कें उखड़ रही है, जिनकी क्वालिटी पर प्रोजेक्ट इंजीनियर्स ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में डामर-चूरी बिखर रही है।
फ्रीगंज में माधवनगर अस्पताल के ठीक सामने की सड़क निर्माण के बाद बैठ गई है, जिससे वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। बारिश के दौरान पंचमपुरा मार्ग, बसंत विहार तथा एलआईसी ऑफिस से लेकर संजीवनी हॉस्पिटल के सामने से होते हुए देवास रोड तक की सड़क का डामरीकरण करवाया गया था, जिसमें से एलआईसी ऑफिस के सामने वाली सड़क निर्माण के बाद ही उखड़ गई। चूरी बिखरने से वाहन चालक हादसे का शिकार हुए।
डामर की ऊपरी सतह उखड़ने पर नीचे की सड़क का हिस्सा दिखाई देने लगा। ऐसे में सड़क का दोबारा डामरीकरण करवाना पड़ा। पंचमपुरा मार्ग पर आधे हिस्से में ही डामर किया गया और बाकी का छोड़ दिया गया। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिए जाने के चलते ही अब क्वालिटी कंट्रोल के लिए स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स नियुक्त किए गए हैं और सेंपल की बार-कोडिंग कर रेंडम लेब में टेस्टिंग करवाई जाएगी ताकि गुणवत्ता का पता चल सके।
बारिश से खराब सड़कों के मेंटेनेंस के लिए राशि जारी
बारिश में खराब हुई सड़कों की मरम्मत व सुदृढ़ीकरण के लिए राशि जारी की गई है, जिससे सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए अन्य मदों के अतिरिक्त कायाकल्प योजना के पहले चरण में 350 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं तथा दूसरे चरण में 470 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हो चुकी है।
कार्यों में तेजी के लिए टेंडर की अवधि घटाई
सड़कों के निर्माण की नई व्यवस्था के तहत अब 10 लाख से अधिक के टेंडर का पहले आमंत्रण में 10 तथा दूसरे में 7 दिन की अवधि निर्धारित की है। क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास एवं कायाकल्प योजना व विशेष निधि एवं अन्य राज्य प्रवर्तित योजनाओं में 15 अक्टूबर तक आमंत्रित किए गए टेंडर पर यह प्रभावशील रहेगी। पहले यह अवधि 30 दिन थी।
मिट्टी का उपयोग करने की मुझे जानकारी नहीं
सड़कों के गड्ढे भरने में मिट्टी का उपयोग किए जाने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, इसके बारे में पता कर जांच करवा कर कार्रवाई करेंगे।
सुरेंद्र मेहर, जोन अध्यक्ष