- फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: CM ने उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर बनाने का किया ऐलान, बोले- कम जमीन में ज्यादा आय का माध्यम बनेंगी उद्यानिकी फसलें
- महाकाल मंदिर में नई सुविधा: अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन होगा दान, वेबसाइट के जरिए कहीं से भी कर सकेंगे दान
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: भांग-चंदन और ड्रायफ्रूट से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- उज्जैन के गजनीखेड़ी में प्रशासन की चौपाल: कलेक्टर-SP ने रात गांव में बिताई, मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया
- सुबह 4 बजे खुले कपाट: बाबा महाकाल का दूध-दही-घी से अभिषेक, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
कर्ज का ब्याज वसूलने के लिए सूदखोर ने ऑटो छीना
चेक बाउंस करने की धमकी भी दी, आरोपी की तलाश
शिकायत के बाद पुलिस ने किया जब्त
फरियादी से अभी तक दो लाख रुपए ले चुका आरोपी
उज्जैन।सूदखोर ने कर्ज का ब्याज वसूलने के लिए सूदखोर ने एक व्यक्ति से उसका लोडिंग ऑटो छिन लिया। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने ऑटो जप्त कर लिया है और फरार सूदखोर की तलाश कर रहीं है।
चिमनगंज पुलिस ने बताया कि तिरुपति धाम निवासी रमेशचंद्र पिता भागीरथ ने अगस्त 2020 में गौरव पिता सुरेंद्र नारायण निवासी इंदिरा नगर से लिखा-पढ़ी कर 50-50 हजार के दो कोरे चेक देकर व्याज पर एक लाख रु.लिए थे।
रमेशचंद्र करीब 2 लाख रु. गौरव को दे चुका है,फिर भी वह ब्याज के 70 हजार रु. और मांग रहा था। रमेशचंद्र ने पुलिस चिमनगंज को आवेदन देकर बताया कि गौरव उससे दो लाख रु. ले चुका है और 70 हजार रु.और देने के लिए दबाव बना रहा था।
इसके लिए वह उसका लोडिंग ऑटो उठा ले गया और 50-50 हजार चेक उसके पास है,उसे बाउंस करने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने जांच कर ऑटो रमेशचंद्र के कब्जे से जप्त कर लिया है। रमेशचंद्र फरार है, पुलिस तलाश कर रहीं है।
कई लोग दें चुके हैं जान
बीते वर्ष में 10 लोगों ने सूदखोरों से तंग आकर अपनी जान दे दी है। कई मामले सुर्खियों में भी रहे। ऐसे मामलों में पुलिस केवल केस दर्ज कर लेती है।
कई केस में आरोपितों की गिरफ्तारी तक नहीं हो पाती। इसलिए सूदखोरी जैसा धंधा करने वाले लोगों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। शहर में सूदखोर 10 से 20 फीसद महीने पर रुपये चला रहे हैं। जरूरतमंद लोग ऊंचे ब्याज पर रुपये ले तो लेते हैं, मगर चुका नहीं पाते। ऊंचे ब्याज के कारण राशि दोगुनी-तिगुनी हो जाती है।

सूदखोरी के यह मामले रहे शहर में चर्चा का विषय
सितंबर 2020 को फोटोग्राफर नीलेश शेल्के ने सूदखोरों के कारण तंग आकर बडऩगर रोड पर धरमबड़ला पर जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली थी।
10 अक्टूबर 2020 को दवा व्यवसायी प्रवीण चौहान ने सूदखोरों से परेशान होकर नृसिंह घाट पुल से शिप्रा नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को उसके छोटे भाई पीयूष चौहान ने भी नृसिंह घाट पुल से शिप्रा नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। चार फरवरी 2021 को उज्जैन विकास प्राधिकरण कर्मचारी विजय चौधरी ने सूदखोर से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
23 अगस्त 2021 को विवेकानंद कालोनी निवासी प्रशांत तिवारी ने अपनी डेयरी में ही फांसी लगा ली थी।
30 सितंबर को भैरवगढ़ निवासी ईश्वर मालवीय ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। ईश्वर को सूदखोर धमकाने पहुंचा था। सूदखोर 20 हजार के एवज में 60 हजार रुपये मांग रहे थे।
8 अक्टूबर को फव्वारा चौक स्थित ट्रांसपोर्ट कारोबारी सुधीर कुमार जैन के पुत्र लवनेश उम्र 22 वर्ष ने लाखों रुपये के कर्ज के कारण जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली थी। सूदखोरों को लवनेश 20 लाख रुपये दे चुका था। अब भी उससे 22 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। सूदखोरों ने मृतक का मकान गिरवी रखने के कागजात तैयार करवा लिए थे।