- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
कार्तिक अगहन मास में भगवान महाकाल की पांच सवारी निकलेगी
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की परंपरा में श्रावण-भादौ मास की तरह कार्तिक-अगहन मास में भी भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में सवार होकर शिप्रा तट जाएंगे। कार्तिक शुक्ल अष्टमी पर 20 नवंबर को कार्तिक अगहन मास की पहली तथा 11 दिसंबर को शाही सवारी निकलेगी।
शुक्ल पक्ष से शुरू होगा सवारी का क्रम हिन्दू धर्मपरंपरा में प्रत्येक माह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से होती है। लेकिन महाराष्ट्रीयन परंपरा में किसी भी माह का शुभारंभ शुक्ल पक्ष से होता है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में मराठा काल का विशेष प्रभाव है।
यही कारण है कि कार्तिक-अगहन मास में भगवान महाकाल की सवारी निकालने का क्रम कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष में आने वाले प्रथम सोमवार से होता है। इस बार कार्तिक शुक्ल पक्ष में पहला सोमवार 20 नवंबर को रहेगा। इसलिए इस दिन से सवारी निकालने की शुरुआत होगी।