- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
कुलपति कार्यालय के पीछे कचरे में मिले गोपनीय दस्तावेज:2018 में एबीबीएस का पेपर लीक होने की नोटशीट भी मिली
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के पीछे कचरे के ढेर में विश्वविद्यालय के गोपनीय नोटशीट,आदेश व अन्य दस्तावेज मिलें है। सूचना के बाद कुलसचिव ने सभी दस्तावेज वापस कुलपति कार्यालय को दिए है। बताया गया कि जो कागज मिले हैं वह वर्ष 2018 में हुई एमबीबीएस की परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट होने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उस समय कार्यवाही के लिए चलाई गई नोटशीट व आदेश जैसे गोपनीय दस्तावेज है।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के पीछे गुरूवार को गोपनीय दस्तावेज कचरे में पड़े होने की सूचना कुलसचिव डॉ. प्रशांत पौराणिक को मिली थी। वहां जाकर देखा तो कचरे में चार साल पहले वर्ष 2018 में हुई एमबीबीएस थर्ड प्रोफ पार्ट 1 का कम्युनिटी मेडिसीन के प्रश्नपत्र आउट होने संबंधी नोटशीट व आदेश थे। नोटशीट में लिखा है कि 25 अप्रैल 2018 को आयोजित होने वाला प्रश्नपत्र 24 अप्रैल को ई-मेल के माध्यम से छात्रों को भेजा गया था। शिकायत के आधार पर गोपनीय विभाग से नोटशीट चली थी। जिसमें कार्यवाही के लिए यह गोपनीय नोटशीट कुलपति तक पहुंची थी। इसके बाद आदेश जारी हुए थे। यही दस्तावेज अब चार साल बाद कचरे के ढेर तक पहुंच गए। दस्तावेज लेकर कुलसचिव डॉ. पौराणिक ने कुलपति कार्यालय के कर्मचारियों से जानकारी ली तो उन्होने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। मामले में कुलसचिव डॉ. पौराणिक ने कहा सूचना मिली थी कचरे में गोपनीय कागज पड़े है। जाकर देखा तो गोपनीय नोटशीट, आदेश व अन्य कागज मिले है। पता कर रहे है कि गोपनीय कागज कचरे में किसने फैंके है। हालांकि पुराने दस्तावेज यदि अनुपयोगी होते है तो जलाया जाता है। इस तरह फैंके नही जाते है।