- श्रावण में उज्जैन आने वाले हर श्रद्धालु का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए होगा देश का सबसे बड़ा सर्वे
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 10-07-2026
- सिंहस्थ-2028 की तैयारी को मिलेगी नई रफ्तार, उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन परियोजना को केंद्र से हरी झंडी
- नागदा में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा, चारों डैम हुए ओवरफ्लो; मां चामुंडा मंदिर तक पहुंचा नदी का पानी
- श्रावण में किस रास्ते से निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी? मार्ग को लेकर बढ़ी उत्सुकता, भक्तों ने प्रशासन से मांगी स्पष्ट जानकारी
खगोलीय घटना:10 घंटे 41 मिनट का रहा साल का सबसे छोटा दिन, 13 घंटे 19 मिनट की बड़ी रात
खगोलीय घटनाक्रम के चलते गुरुवार को साल का सबसे छोटी अवधि का दिन और सबसे लंबी अवधि की रात रही। इस दौरान दिन की अवधि मात्र 10 घंटे 41 मिनट की रही, वहीं रात की अवधि 13 घंटे 19 मिनट रही। सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण 22 दिसंबर को सूर्य मकर रेखा पर लंबवत रहा। इससे उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात रही।
उज्जैन में सूर्योदय सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 46 मिनट पर हुआ। सूर्य की उत्तर की ओर गति होने के कारण अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे और रात की अवधि छोटी होने लगेगी। शासकीय जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए 500 से अधिक खगोलप्रेमी और स्कूली विद्यार्थी पहुंचे। वेधशाला में लगे शंकु यंत्र की छाया लंबी होकर मकर रेखा पर गमन करती हुई दिखाई दी।