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गांधी जयंती : ‘बापू’ को नेताओं ने मंच के पीछे कर दिया
उज्जैन | जिनके सिद्धांतों को लेकर शहर में संकल्प यात्रा निकाली गई, मंच पर अतिथियों का आगमन होने पर उन्हें पीछे वाली कुर्सियों पर बैठने को कहा गया। भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित गांधी संकल्प यात्रा बुधवार दोपहर 12.30 बजे क्षीरसागर स्टेडियम से शुरू हुई। लगभग 6 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद दानी गेट पर संपन्न हुई। रास्तेभर वैष्णवजन तो तैणे कहिए और दे दी हमें आजादी बिना खडग़ बिना ढाल… जैसे देशभक्ति से ओतप्रोत गीत बजते रहे। भाजपा कार्यकर्ता कभी मंत्री, तो कभी सांसद के साथ चलने के लिए उतावले नजर आए।
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शहर में विशाल गांधी संकल्प यात्रा निकाली गई। यात्रा का उद्देश्य शहर से प्लास्टिक कचरा दूर करने और स्वच्छता का संदेश देना था। आयोजन में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन, मोहन यादव, बहादुरसिंह चौहान, जिलाध्यक्ष विवेक यादव, जगदीश अग्रवाल सहित अन्य नेता शामिल हुए।
मंच पर मौजूद थे हर उम्र के 11 गांधी
संकल्प यात्रा में बचपन से लेकर 55 तक की उम्र के लगभग 11 गांधी मौजूद थे। वे अतिथियों के आगमन पूर्व मंच की अगली पंक्ति में बैठे और लौटे से पानी पी-पीकर इंतजार करते रहे। जैसे ही अतिथियों का आगमन हुआ, माइक से उद्घोषणा हुई कि आप सब पीछे वाली कुर्सियों पर आ जाएं। आगे माननीय को बैठने दें। मंत्री गेहलोत और विवेक जोशी ने सबसे पहले गांधी-शास्त्री के चित्र समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। गांधी उद्यान में बनी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, रंगीन गुब्बारे छोड़े, पौधरोपण के बाद वे मंच पर आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का गुणगान किया, बीच-बीच में गांधीजी और शास्त्रीजी का नाम भी ले लिया। कपड़े से बनी करीब 5 हजार थैलियां शहर के व्यापारियों और आमजन के हाथों में थमाई।
मंच से उतरते समय टूटी सीढिय़ां, बाल-बाल बचे पारस जैन
कार्यक्रम में अतिथियों के उद्बोधन बाद रैली आरंभ करने की घोषणा हुई। मंच पर अधिक संख्या में मौजूद नेतागण और कार्यकर्ता नीचे उतरने लगे। सबसे आगे विधायक पारस जैन थे, जैसे ही भीड़ के साथ वे नीचे उतरने लगे, सीढिय़ां टूट गईं। इस दौरान जैन गिरते-गिरते बचे। लोगों ने उन्हें संभाल लिया।
दो हिस्सों में बंट गई रैली
रैली की शुरुआत दो हिस्सों में हुई। सबसे आगे झंडे-बैनर और दो-तीन गांधी बने युवकों को लेकर पारस जैन आगे चल दिए, जबकि मंत्री गेहलोत मंच पर ही थे। इतने में दोनों रथ के साथ विधायक जैन आगे निकल गए, वहीं मंत्री गेहलोत के साथ बड़ी संख्या में कई लोग पीछे रह गए। आगे जाकर जैन को कुछ कार्यकर्ताओं ने रोका, करीब 15 मिनट तक यात्रा दो हिस्सों में सड़क पर खड़ी रही। महिला कार्यकर्ता सेल्फी और फोटो लेने में व्यस्त रहीं। रैली थोड़ी आगे बढऩे पर वे अपने-अपने वाहनों से रवाना हो गईं।