- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
घर से इंदौर कहकर निकले युवक की लाश इस अवस्था में मिली
रूनीजा-बडऩगर मार्ग पर एलटी फ्यूल पेट्रोप पंप सुंदराबाद से कुछ दुरी पर मंशी पटेल के खेत के पास बनी दुकान के पास पुलिया पर मंगलवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक की नग्न लाश मिलने से सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही डॉयल 100 व भाटपचलाना थाने के थाना प्रभारी आरएस भाबोर पहुंचे। भाबोर के साथ बडग़ांवा निवासी आरक्षक कृष्ण धाकड़ ने लाश देखकर बताया मृतक उसके ग्राम बडग़ांवा के प्रकाश नाई का 27 वर्षीय पुत्र मनोहर है। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पड़ताल की तो मृतक से लगभग 100 से 200 मीटर दूसरी पर कपड़े व एक जूता मिला। लाल रग का बैग नाले में पड़ा था। मृतक के शरीर पर चोट के निशान से प्रथमदृष्टया उसकी हत्या की गई है। उज्जैन से एसएलएफ अधिकारीं अरविंद नायक व पुलिस डाग स्क्वॉड पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। लाश के सिर पर चोट का निशान के अलावा पेट पर भी धारदार हथियार का घाव है। डाग खेत में जाकर आ गया। लाश का पंचमाना बनाकर पीएम के लिए भेज गया। मृतक के बारे में जानकारी मिली की वह इंदौर में किसी निजी कंपनी में काम करता था। 10 नवमी को घर से इंदौर जाने का बोल कर निकला था। मृतक के बारे में जानकारी मिली की वह इंदौर में किसी निजी कंपनी में काम करता था। 10 नवमी को घर से इंदौर जाने का बोल कर निकला था।
आरएसएस का पथ संचलन निकला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन मंगलवार को निकला। संचलन गोपाल मंदिर से घोष की ताल पर कदमताल करते हुए शुरू हुआ और नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ पुन: गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां समापन हुआ। संचलन का नगर के कई स्थानों पर सामाजिक संस्थाओं ने स्वागत किया। संचलन के पूर्व बौद्धिक में विभाग प्रचारक समीर चौधरी ने धर्म में शक्ति आराधना कि महत्ता बताई। साथ ही इस अवसर पर अतिथियों ने शस्त्र पूजन किया। परंतु इस वर्ष संचलन बिना शस्त्र के निकाला गया।