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घूरने की बात पर चाकूबाजी से तनाव, दो पक्ष आमने-सामने
उज्जैन। बीती रात देवासगेट चाय के ठेले घूरने की बात पर हुए झगड़े ने उग्र रूप ले लिया और करीब एक घंटे से अधिक साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। थाना पर करीब डेढ़ से डेढ़ सौ लोग आमने-सामने हो गये। बाद में देवासगेट पुलिस ने ही मामले को संभाला, अन्यथा एन चुनाव के समय उज्जैन में बेहद अप्रिय स्थिति निर्मित हो जाती। पुलिस देवासगेट के अनुसार रविवार की देर रात देवासगेट पर मालीपुरा निवासी दो युवक आदर्श राठौर और एक अन्य चाय पीने के लिए पहुंचे। यहां वे चाय पी ही रहे थे, कि समीप खड़े दो युवक सैयद मोयन पिता मेहताब लाला निवासी भागसीपुरा और फैजान पिता अब्दुल सलाम ने कहा कि तुम क्यों घूर रहे हो।
इस बात के बाद दोनों में तनाव होता गया और बात मारपीट तक जा पहुंची। देखते ही देखते आरोपी सैयद मोयन ने अपने साथी के साथ मिलकर चाकू खोल लिया और युवक पर प्रहार कर दिये। युवक ने बचाव करने का प्रयास किया लेकिन चाकू के वार उसकी आंखों के पास जा लगे। पुलिस ने यह भी बताया घायल युवकों का पीछा करते हुए आरोपियों ने देवासगेट पर चाकू लहराया और गालियां दीं।
बचाव के लिए रेलवे स्टेशन की तरफ भागे युवक
फरियादी युवक भागते हुए स्टेशन परिसर में रेलवे पुलिस (आरपीएफ) थाने में जा घुसे। इनके पीछे आरोपियों के करीब सौ से अधिक समर्थक भी पीछा करते हुए जा पहुंचे। इधर खबर लगते ही फरियादी पक्ष के भी इतने ही लोग जमा हो गये। देखते ही देखते तनाव फैल गया। यहां आरपीएफ ने अपना पल्ला झाड़ते हुए मामला जीआरपी को सौंप दिया। जीआरपी में यूं भी पुलिस बल की कमी थी। दोनों पक्ष यहां आमने सामने हो गये। चूंकि घटनास्थल देवासगेट से संबंधित थाना था, इसलिए दोनों पक्षों को जैसे-तैसे देवासगेट थाना भेजा गया।
फोन किया फिर भी नहीं पहुंचा बल
चूंकि मामला सबसे पहले आरपीएफ के पास पहुंचा तो आरपीएफ ने जीआरपी पर मामला डाल दिया। जीआरपी ने यहां तनाव की स्थिति को देखते हुए आरपीएफ से फोन पर बार बार मदद मांगी लेकिन करीब आधे घंटे तक बल नहीं मिला। इधर देवासगेट थाने से यहां कोई मदद नहीं पहुंची। बाद में जीआरपी के कुछ पुलिसकर्मियों ने ही स्थिति को संभालकर दोनों पक्षों को देवासगेट थाना पहुंचाया।
खून से सराबोर था फरियादी
पुलिस ने बताया देवासगेट से आरपीएफ और जीआरपी तक आते-आते घायल फरियादी का खासा रक्त बह चुका था, स्थिति यह थी घटनास्थल देवासगेट होने के बाद जीआरपी मेडिकल की कार्रवाई भी नहीं कर सकती थी। देवासगेट पुलिस और आरपीएफ की उदासीनता के चलते देर तक ईलाज के लिए युवक तड़पता रहा। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया है।