- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
- महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर: शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला में नजर आए बाबा महाकाल
- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
- उज्जैन में बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार: भांग, चंदन और त्रिपुंड से सजे राजाधिराज, भस्म आरती में उमड़ी आस्था
घूसखोरी के केस में पूर्व सीएमएचओ और बाबू को 4 साल कैद की सजा….
उज्जैन। घूसखोरी के एक मामले में लोकायुक्त की विशेष अदालत ने मंगलवार को उज्जैन के पूर्व सीएमएचओ डॉ. एमके दीक्षित और कार्यालय के एक बाबू को 4-4 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर एक अकांउटेंट के 4 माह का वेतन निकालने के एवज में दो हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप था।
लोकायुक्त एसपी गीतेश गर्ग ने बताया कि एनआरएचएम की अकाउंटेंट मीना चंदेल ने एक अगस्त 2012 को शिकायत की थी कि उसका चार माह का वेतन निकालने के एवज में सीएमएचओ डॉ. एमके दीक्षित व कार्यालय के बाबू सुरेश शर्मा दो हजार रुपए की मांग कर रहे हैं।
इस पर लोकायुक्त ने उसे रुपए लेकर 2 अगस्त 2012 को कार्यालय भेजा था। यहां सुरेश शर्मा ने जैसे ही उससे रुपए, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सीएमएचओ डॉ. दीक्षित पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को डॉ. दीक्षित व शर्मा को कोर्ट ने चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है।
सीएमएचओ व बाबू की आवाज हुई थी रिकॉर्ड
लोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि मीना चंदेल की शिकायत पर लोकायुक्त ने उसके फोन की रिकॉर्डिंग करवाई थी। इसमें सीएमएचआ डॉ. दीक्षित व सुरेश शर्मा दोनों की आवाज रिकॉर्ड की गई थी। दोनों चंदेल से दो हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे। इसके बाद योजना बनाकर शर्मा को ट्रेप किया गया था।