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चरक अस्पताल:एक साल बाद चरक को निश्चेतना विशेषज्ञ मिले अब गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन हो सकेंगे
चरक अस्पताल को करीब एक साल बाद निश्चेतना विशेषज्ञ मिले हैं। ऐसे में अब उन गर्भवती महिलाओं को रैफर किए जाने पर काफी हद तक रोक लग सकेगी, जिनकी सीजर से डिलीवरी होना है। निश्चेतना विशेषज्ञ नहीं होने के नाम पर गर्भवती महिलाओं को यहां-वहां नहीं भेजा जा सकेगा।
गर्भवती महिलाओं के सीजर हो सकेंगे। निश्चेतना विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने से सीजर नहीं हो पा रहे थे। इस वजह से चरक अस्पताल में सीजर केस 120 से घटकर 55-60 रह गए थे। हर दिन 10 से 12 गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर पर रैफर किया जा रहा था, जिस पर अब रोक लग सकेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि मातृ एवं शिशु चिकित्सालय चरक भवन में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. भगवान दांगी की पदस्थापना कर दी है। अब चरक अस्पताल में नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के आवश्यक सीजेरियन ऑपरेशन हो सकेंगे।
ध्यान रहे कि निश्चेतना विशेषज्ञ के यहां नहीं होने से उन गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर यानी इंदौर या आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज रैफर किया जा रहा था, जिनकी डिलवरी सीजर से होना है। ऐसे में परिवार के लोगों को गर्भवती महिला को लेकर दूसरे अस्पताल लेकर जाना पड़ता था।
प्राइवेट अस्पताल में शुल्क चुकाकर डिलीवरी करवाना पड़ रही थी। निश्चेतना विशेषज्ञ की पोस्टिंग के बाद काफी हद तक गर्भवती महिलाओं के रैफर पर रोक लग सकेगी। बगैर किसी ठोस कारण के महिलाओं को रैफर नहीं किया जा सकेगा।