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चोरी हुए शिशु का एक माह बाद भी सुराग नहीं
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज: 60 मोबाइलों के सीडीआर निकाले
पुलिस ने 18 डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की
उज्जैन।पिछले माह दुष्कर्म पीडि़ता ने आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में शिशु को जन्म दिया था जिसके चार दिन बाद अज्ञात व्यक्ति उक्त शिशु को चोरी कर ले गया। चिमनगंज पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर शिशु की तलाश शुरू की, लेकिन एक माह बाद भी उसका कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
यह था मामला
देवास के गांव में रहने वाली दुष्कर्म पीडि़ता महिला सुधार गृह में रह रही थी। पीडि़ता शिशु को जन्म देना चाहती थी, जबकि उसके माता पिता ऐसा नहीं चाहते थे इसी कारण कोर्ट के निर्देश पर नाबालिग पीडि़ता को महिला सुधार गृह भेजा गया था।
पेट दर्द की शिकायत पर उसे सुधारगृह प्रशासन द्वारा पहले चरक अस्पताल फिर हालत बिगडऩे पर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां उसने शिशु को जन्म दिया। 30 जनवरी की रात 2 से 4 बजे के बीच वह शिशु अस्पताल से चोरी हो गया। चिमनगंज पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर शिशु की तलाश शुरू की लेकिन आज तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले
मामले की जांच कर रहे एसआई करण सिंह खोवाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सबसे पहले आरडी गार्डी अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई जो बंद थे। इस कारण शिशु की तलाश में खासी परेशानी सामने आई। खोवाल के अनुसार किशोरी के परिजनों का घर के अलावा आरोपी के घर पहुंचकर भी जांच की गई लेकिन शिशु का सुराग हाथ नहीं लगा।
अब तक 18 से पूछताछ
पुलिस अब तक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ सहित 18 लोगों से पूछताछ कर चुकी है इसके अलावा घटना के समय अस्पताल के वार्ड में एक्टिव 60 से अधिक मोबाइलों की सीडीआर भी निकाल चुकी है। खास बात यह कि पुलिस ने सायबर सेल की मदद लेकर सीएसटीएन साफ्टवेयर से मोबाइलों की कॉल डिटेल भी निकाली। एसआई खोवाल बताते हैं कि अभी तक सारे प्रयासों के बाद भी कोई सफलता नहीं मिल पाई है।.