- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
छोटे पुल के पास से शिप्रा में छोड़ा गंभीर का पानी
पीएचई का मेंटेनेंस, नहीं हो सका जलप्रदाय
उज्जैन। पेयजल सप्लाय के लिए गंभीर बांध से जुड़ी पाइप लाइन के संधारण कार्य के चलते शहर में आज जलप्रदाय नहीं हुआ जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि लाइन में रुके हुए पानी को छोटे पुल के पास स्थित गंभीर की लाइन से शिप्रा में छोड़ा गया।
हालांकि पीएचई अधिकारियों का लाइन खाली करने का मकसद संधारण कार्य था। पीएचई अधिकारियों ने सोमवार को शहर में जलप्रदाय नहीं होने की सूचना दो दिन पहले ही प्रसारित करवा दी थी और आज सुबह शहर में जलप्रदाय नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिन क्षेत्रों में कुएं, हैंडपंप, ट्यूबवेल आदि की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी वहां टैंकरों के माध्यम से भी जलप्रदाय नहीं कराया गया और लोगों को दूर-दूर से पानी परिवहन कर लाना पड़ा।
इधर पीएचई अधिकारियों ने छोटे पुल के पास स्थित गंभीर डेम की मेन लाइन से जुड़े पाइप से शिप्रा नदी में दो घंटे से अधिक समय तक पूरे प्रेशर के साथ पानी छोड़ा। हालांकि इसके पीछे नदी के पानी को साफ करना अधिकारियों उद्देश्य नहीं था बल्कि लाइन में जमा पानी को खाली करना था।
सोमकुंड की सफाई के बाद पुताई भी कराई, नया बोरिंग भी करवाया
4 फरवरी को आने वाली सोमवती अमावस्या के पर्व स्नान को लेकर पीएचई अधिकारियों द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं जिसके चलते सोमकुंड में जमा सदावल नाले के गंदे पानी को निकालकर उसमें जमी गाद की सफाई करवा दी गई है।
अब कुंड में नदी के पानी की आवक के चलते पानी जमा हो रहा है। इसके अलावा कुंड के आसपास रंगरोगन भी करवा दिया है। सोमवती अमावस्या पर सोमकुंड में हजारों श्रद्धालु स्नान के लिये पहुंचते हैं, उनकी सुविधा के लिये पूर्व से लगे ट्यूबवेल में मोटर डाली गई है, जबकि एक अन्य बोरिंग भी कराया गया है ताकि पाइप लाइन डालकर इन बोरिंग से फव्वारों को जोड़कर श्रद्धालुओं के पर्व स्नान की व्यवस्था की जा सके।
