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जैन मंदिरों में दीपावली पर चढ़ेगा खोपरे का निर्वाण लाड़ू, घरों में तैयार कर रहीं महिलाएं
जैन समाज में दीपावली पर मनाए जाने वाले भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के लिए मंदिरों और घरों में तैयारी शुरू हो गई है। 26 से 28 अक्टूबर तक कार्यक्रम होंगे। 28 को निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जाएगा। खोपरे के गोले से बने निर्वाण लाड़ू चढ़ाने के लिए घरों में गोलों को तैयार किया जा रहा है। मंदिरों में समाजजन सफाई कर रहे हैं।
भगवान महावीर स्वामी ने कार्तिक अमावस्या की सुबह बिहार स्थित पावापुरी ग्राम से मोक्ष प्राप्त किया था। जैन धर्मावलंबी भगवान को निर्वाण प्राप्त होने की खुशी में मंदिरों में सजावट करते हैं, उत्सव के स्वरूप में मंदिर में निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जाता है। मंदिर शिखरों पर नवीन ध्वजा चढ़ाई जाएगी। महावीर स्वामी के मोक्ष को 2546 हो रहे हैं। निर्वाण लाड़ू खोपरे गोले, बूंदी और शकर के बनाए जाते हैं। समाजसेवी जम्बू जैन धवल के अनुसार मंदिरों व घरों में दीपावली पर होने वाले निर्वाण उत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिरों में आए खोपरे के गोलों को महिलाएं घर से साफ कर लाएंगी, जिनके लाड़ू बनेंगे। मंदिरों में रखे शास्त्रों को संरक्षित करने का काम भी हो रहा है।
महिलाएं घरों से साफकर खोपरे का गोला मंदिर में लाएंगी।
उत्सव लेकिन आतिशबाजी नहीं करेंगे
निर्वाण उत्सव मनेगा, मंदिरों पर रोशनी की जाएगी लेकिन आतिशबाजी नहीं होगी। बच्चों को भी संस्कार पाठशाला में आतिशबाजी नहीं करने की प्रेरणा दी जा रही है। मंदिरों में जिनेंद्र भक्ति व गोष्ठी होगी, जिसमें भगवान के जीवन काल का चरित्र वर्णन होगा।
इसी दिन से जैन संवत शुरू हुआ था
जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर महावीर थे। उनके निर्वाण के बाद से ही वीर निर्वाण संवत शुरू हुआ। तभी से जैन धर्मावलंबी तिथि गणना करते हैं।
26, 27 और 28 अक्टूबर को उत्सव
के निर्वाण उत्सव पर 26 अक्टूबर को धन्य तेरस मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शम (स्थिर) श्रेणी में लीन थे। 27 को अनादि निधन पर्व चतुर्दशी मनाया जाएगा। 28 को सुबह सभी मंदिरों में महावीर स्वामी की पूजा, गौतम स्वामी की पूजा तथा निर्वाण कांड भाषा एवं महावीर अष्टक का पाठ करके निर्वाण लाड़ू समर्पित किया जाएगा। सबसे पहले तपोभूमि पर, उसके बाद विभिन्न मंदिरों में सुबह 6.30 से 7.30 तक लाड़ू चढ़ाए जाएंगे। चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर नमक मंडी, जयसिंहपुरा के अतिशय क्षेत्र नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर भी लाड़ू समर्पित किया जाएगा।