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अगस्त से यदि आपके घर बिजली बिल न पहुंचे तो एक बार अपना मोबाइल जरूर चैक करें। कारण बिजली कंपनी के ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर पेपरलेस की तैयारी में हैं। इसके बाद से अब बिल वितरण की जगह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही बिजली बिल और भुगतान की लिंक भेजी जाएगी।
इसके माध्यम से बिल देखकर इसका ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान कर सकते हैं। बिजली कंपनी के ओर से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत आगर और शाजापुर में की गई है। विविकं के मुताबिक उपभोक्ताओं को मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करने के लिए कुछ प्रक्रिया करना होगी। जिसमें उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल पर https://mpwzservices.mpwin.co.in/mpeb_english/home गूगल पेज पर urjas टाइप कर होम पेज पर जाना होगा।
ऐसे करें मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड
यहां पर दांई ओर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर विद आईवीआरएस पर क्लिक करना होगा। आईवीआरएस के साथ मोबाइल नंबर डालकर सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। जिसके बाद उपभोक्ता से कुछ जानकारी मांगी जाएगी। मांगी गई जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। जिसमें नाम, पता, पुराने मोबाइल नंबर की प्रविष्टि पूर्व से होगी तो दिखाई देगी।
उपभोक्ता को नया मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर और रिर्माक कॉलम में नई जानकारी देनी होगी। इसके बाद ओटीपी मिलेगा। जिसे दर्ज कर सबमिट फार्म क्लिक करना होगा। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद हर माह बिल का लिंक मोबाइल नंबर पर आना शुरू हो जाएगा।
ऑनलाइन भुगतान पर मिलेगी छूट
विविकं के एई दिनेश शर्मा के मुताबिक पेपरलेस और कैशलेस की योजना बिजली कंपनी अगस्त से शुरू कर सकती है। जहां पेपरलेस होने से पर्यावरण संरक्षण होगा, वहीं कैशलेस होने से उपभोक्ता घर बैठे ही बिल का भुगतान कर सकेंगे। यही नहीं कैशलेस भुगतान में नियमानुसार उपभोक्ता को छूट दी जाएगी। इससे भुगतान के लिए भी उपभोक्ता को अधिक समय मिलेगा।