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ट्रक में भरकर आ रही गांजे की बड़ी खेप STF ने पकड़ी, देशभर में है नेटवर्क
उज्जैन | एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) टीम ने आंध्रप्रदेश से ट्रक में भरकर गांजे की बड़ी खेप लेकर आ रहे पांच लोगों को पकड़ा है। सभी आरोपी तराना तहसील के रहने वाले हैं और पिछले कई समय से शाजापुर, उज्जैन और मक्सी के आसपास के इलाकों में गांजा सप्लाई कर रहे थे। इनमें एक छापरी गांव का पूर्व सरपंच भी है। इन तस्करों के बारे में एसटीएफ को रविवार सुबह १० बजे सूचना मिली कि इन्दौर से आने वाला ट्रक प्रशांति धाम बायपास होते हुए मक्सी की ओर जाने वाला है। दोपहर १२ बजे के लगभग टीम ने इनकी घेराबंदी कर शनि मंदिर शकरवासा के पास से दबोच लिया। तस्करों से बोरियों में भरा १८२ किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत १० लाख रुपए बताई जा रही है।
एसटीएफ निरीक्षक विवेक गुप्ता ने बताया कि रविवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि तराना तहसील के पांच लोग ट्रक (एमपी ०९ एचएफ ६१६८) में लाद कर गांजे की बड़ी खेप तराना की ओर ले जा रहे हैं। इस पर टीम तस्करों की घेराबंदी के लिए इन्दौर रोड पहुंच गई। तभी दोपहर १२ बजे के लगभग शकरवासा गांव के पास ट्रक को पकड़ उसमें तलाशी ली तो ७ बोरियों में भरा गांजा जब्त हुआ। पकड़ाए आरोपी सुभाष पिता आत्माराम निवासी गोलवा, मानसिंह पिता देवीसिंह गुर्जर निवासी झिरनिया, प्रहलाद पिता कचरु निवासी गोलवा, लाखन पिता लालसिंह निवासी तराना और अंतरसिंह पिता राधेश्याम गुर्जर गोलवा सभी निवासी तराना तहसील के हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है कि पिछले समय इन्होंने उज्जैन व शाजापुर के किन-किन गांजा तस्करों को माल सप्लाई किया है। रविवार शाम को एसटीएफ ने इसका खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
पूर्व सरपंच है मास्टर माइंड
बताया जाता है कि तस्करों में मास्टर माइंड मानसिंह तराना तहसील के गांव छापरी का सरपंच रह चुका है। यह क्षेत्र में आसपास गांजा सप्लाई करता था। मानसिंह ने पूर्व में पाटीदार समाज के एक व्यक्ति का अपहरण भी कर लिया था। मानसिंह पर तराना और आसपास के थाना क्षेत्रों में लूट, मारपीट सहित एक दर्जन के लगभग प्रकरण दर्ज हैं, जबकि प्रहलाद के खिलाफ पूर्व में भी गांजा तस्करी के तीन प्रकरण दर्ज हैं। तस्करों को पकडऩे में निरीक्षक विवेक गुप्ता, योगेन्द्र सिसौदिया, उपनिरीक्षक अनुरागसिंह, एएसआई चंद्रभानसिंह, शकील कुरैशी, देवेन्द्र कुशवाह आरक्षक रूपेश एवं रमण की भूमिका रही।