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ठंड में गर्म जल से स्नान कर रहे महाकाल
ठंड में भगवान महाकाल भी गर्म जल से स्नान कर रहे हैं। दरअसल उज्जैन में परंपरा अनुसार मौसम के अनुरूप मंदिरों की आरती, पूजा, भोग व अन्य सेवाओं में बदलाव किया जाता है। दिवाली के बाद कार्तिक से ठंड की शुरुआत हो जाती है।
पंडे-पुजारी रोज तड़के चार बजे होने वाली भस्मारती में भगवान महाकाल को ठंड न लगे इसलिए गर्म जल से स्नान कराते हैं। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया ठंड के दौरान कार्तिक, अगहन, पौष, माघ व फाल्गुन मास तक भगवान काे गर्म जल से स्नान कराया जाता है। होली की पूर्णिमा से जब हल्की गर्मी की शुरुआत हाेने लगती है, तब भगवान का वापस ठंडे जल से स्नान आरंभ होता है।