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ठगी का नया पैंतरा:मोबाइल पर डिजिटल भुगतान का ओके मैसेज भेजकर 32 हजार रुपए की सोने की अंगूठी ले गया बदमाश
अगर आप गूगल-पे, फोन-पे, यूपीआई अथवा किसी भी तरह का ऑनलाइन डिजिटल भुगतान से लेन-देन कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। कारण तकनीक की आड़ में शातिर ठग कई लोगों को मिनटों में हजारों रुपए का चूना लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पटनी बाजार में सामने आया है। महाकाल थाने पहुंचे सराफा व्यापारी मनोज सरायवाला ने बताया कि पटनी बाजार में उनकी एमएस ज्वेलर्स नाम से एक शॉप है। शुक्रवार 30-35 वर्षीय युवक उनकी शॉप पर पहुंचा और सोने की अंगूठी खरीदने की मंशा जताई। उसने अपना नाम विजय पाटिल बताया।
पसंद आने पर उसने लगभग 32 हजार रुपए कीमत की एक अंगूठी खरीदी। उसने कहा कि उसके पास कैश नहीं है। वो मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान करेगा। चूंकि उन्हें डिजिटल भुगतान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए उन्होंने अपने बेटे का मोबाइल नंबर भुगतान के लिए विजय नाम के युवक को दे दिया। विजय ने भुगतान ओके होना बताया। बेटे से पूछने पर उसने भी पेमेंट खाते में आने की जानकारी दी। इसके बाद युवक अंगूठी लेकर चला गया। बाद में चैक किया तो पता चला कि बैंक खाते में रुपए आए ही नहीं।
शातिर ठग : हूबहू बैंक जैसा मैसेज भेजकर दिया ठगी को अंजाम’
ठगी को अंजाम देने वाला युवक इतना शातिर था कि उसने ऑनलाइन डिजिटल भुगतान के बाद हूबहू वैसा ही मैसेज तैयार किया जैसा बैंक डिजिटल पेमेंट के बाद खाताधारक ग्राहक को भेजता है। व्यापारी का बेटा इसी कारण झांसे में आ गया। फिलहाल सराफा व्यापारी की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज से ठग की तलाश में पुलिस जुटी है।
सावधानी बरतना जरूरी : ठगी से बचना है तो पेमेंट हिस्ट्री चैक करें
मोबाइल से किसी भी तरह का डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बाद आप संबंधित एप (फोन-पे, गूगल-पे, पे-टीएम अथवा अन्य यूपीआई कोड) की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री अथवा चैक बैलेंस की कैटेगरी में जाकर लेनदेन की प्रक्रिया चैक करें। इसमें एक मिनट का समय भी नहीं लगेगा और आप ठगी के शिकार होने से बच सकते हैं।