डेढ़ इंच बारिश …शिप्रा में आया उफान, गंभीर का जल स्तर भी बढ़ा

उज्जैन। शहर में इस सीजन की पहली तेज बारिश बुधवार को हुई। इससे शिप्रा में उफान आ गया और शहर में जलापूर्ति के मुख्य केंद्र गंभीर जलाशय का जल स्तर 176 एमसीएफटी से बढ़कर 340 एमसीएफटी हो गया। कई स्कूल मैदान तालाब बन गए। निचली बस्तियों में पानी भरा गया। नदी किनारे स्थित सीवरेज पंप हाउस बंद होने से गंदे नालों का पानी सीधे शिप्रा में मिला, जिसे देख लोगों की आस्था आहत हुई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है।

जीवाजी वेधशाला के अनुसार मंगलवार-बुधवार की दरमियान रात 35 मिमी बारिश हुई। इसके बाद सुबह से दोपहर तक मौसम खुला रहा। मगर नदी, तालाब और बस्तियों में नजारा बदल गया। सुबह तक नदी उफान पर थी और छोटा पुल डूब गया था। दोपहर बाद पानी उतरा तो छोटे पुल से डेढ़ फिट नीचे से बहा। उधर, सीवरेज पंप हाउस बंद कर दिए जाने से नालों का पानी सीधे शिप्रा में नदी में मिला। पीएचई को शिकायत की तो जवाब मिला कि वर्षाकाल में नदी किनारे रामघाट, रूद्रसागर, चक्रतीर्थ, आयुर्वेदिक कॉलेज, भैरवगढ़ क्षेत्र और बड़नगर पुल के पास बनाए सीवरेज पंप हाउस बंद कर दिए जाते हैं। बारिश में नालों का उफान पर आना प्राकृतिक स्थिति है। ऐसे पानी को रोकना संभव नहीं है। इसलिए नाले का पानी सीधे शिप्रा में मिला। अगर पंप हाउस बंद नहीं करेंगे तो मशीनें जल मग्न हो जाएंगी। वहीं गऊघाट, मंछामन और सोमवारिया क्षेत्र का सीवरेज पंप हाउस चालू रखा गया है। क्योंकि नदी में उफान आने से इस पर फिलहाल कोई संकट नहीं है। उधर, शहर में जलापूर्ति के मुख्य केंद्र गंभीर जलाशय में 24 घंटों में पानी 176 एमसीएफटी से बढ़कर 340 एमसीएफटी हो गया। गंभीर में इतना पानी जमा हो गया कि डेड स्टोरेज का 50 एमसीएफटी पानी छोड़ दें तो शहर की जरूरत 8 एमसीएफटी प्रतिदिन खपत के हिसाब से 36 दिन पानी सप्लाई किया जा सके। इधर, हायर सेकंडरी स्कूल महाराजवाड़ा क्रमांक 2, शासकीय हाईस्कूल इंदिरानगर समेत कई स्कूलों के मैदान भी तालाब बन गए थे। त्रिवेणी हिल्स, एकता नगर, समेत कई कॉलोनियों में पानी भराने की शिकायत भी निगम तक पहुंची।