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17 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी: उज्जैन में जश्न का माहौल, ढोल की थाप और आतिशबाजी के साथ BJP कार्यकर्ताओं ने किया CM के फैसले का स्वागत
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रदेश के 17 प्रमुख धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी की घोषणा की है, जिसमें उनका गृह जिला उज्जैन भी शामिल है। इस फैसले के बाद गुरुवार रात उज्जैन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और मुख्यमंत्री के इस साहसिक कदम का स्वागत किया।
उज्जैन के टावर चौक पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर नृत्य किया और आतिशबाजी की। नगर निगम सभापति कलावती यादव, जगदीश पांचाल, मुकेश यादव समेत अन्य पार्टी पदाधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस ऐतिहासिक फैसले का जोरदार स्वागत किया।
बता दें, पूर्व में इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती भी कर चुकी हैं। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व निर्णय’ बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया है।
जानकारी के लिए बता दें, राज्य में 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिन ही यह घोषणा की। इन स्थानों में एक नगर निगम, 6 नगर पालिकाएं और इतनी ही नगर पंचायत समेत 7 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
इन धार्मिक स्थानों पर होगी शराबबंदी:- 1. उज्जैन 2. मैहर 3. दतिया 4. पन्ना 5. मंडला 6. मुलताई 7. मंदसौर 8. ओरछा 9. चित्रकूट 10. अमरकंटक 11. महेश्वर 12. ओंकारेश्वर 13. मंडलेश्वर 14. सलकनपुर 15. बांदकपुर 16. कुंडलपुर 17. बरमानकला, लिंगा और बरमानखुर्द।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “शराब के सेवन के दुष्प्रभावों से हर कोई वाकिफ है। हम नहीं चाहते कि हमारे युवा बिगड़ें, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। मध्य प्रदेश सरकार 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएगी।” उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में जहां भी भगवान कृष्ण और भगवान राम ने अपने कदम रखे हैं, वहां शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।”
मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक निर्णय को व्यापक समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस निर्णय ने न केवल प्रदेशवासियों को बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक समुदायों को भी उम्मीद दी है कि यह कदम एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा। इस निर्णय के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखते हुए नशाबंदी के अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, जो राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।