- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
नवरात्र: देवी मंदिरों में तैयारी, गाइडलाइन का इंतजार
उज्जैन। शारदीय नवरात्र 7 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली हैं। इसे लेकर शहर में तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि शासन-प्रशासन की गाइडलाइन नहीं आने से सांस्कृतिक कार्यक्रम और गरबा आयोजनों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैं।
अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर 7 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। उज्जैन में शक्तिपीठ हरसिद्धि तथा प्राचीन देवी मंदिरों के चलते नवरात्रि विशेष मानी जाती है। आठ दिन तक देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर, भूखी माता व गढ़कालिका माता मंदिर में दीपमालिका प्रज्वलित होंगी। सार्वजनिक पंडलों में भी देवी की मूर्तियों को विराजित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिरों में रंगरोगन
देवी मंदिरों में रंगरोगन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने देवी आराधना का पर्व कोविड नियमों के तहत मनाने का निर्देश दिए हैं। शासन ने कोई अलग से गाइडलाइन जारी नहीं कि है, लेकिन माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के चलते अधिक लोगों के एकत्र होने तथा गरबा आदि पर रोक रहेगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन ने मूर्तिकारों को भी मिट्टी की मूर्ति बनाने के निर्देश दिए हैं।